Heat Wave in Punjab: दुबई की तर्ज पर पंजाब में भी करवाई जाए Artificial Rain? इन सवालों पर क्या बोला मौसम विभाग
पंजाब के बठिंडा में सोमवार को तापमान 48.4 पहुंचने के बाद मौसम विभाग के डायरेक्टर एके सिंह और साइंटिस्ट शविंदर पाल सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने मौसम में तापमान (Heat Wave in Punjab) बढ़ोतरी के कई कारण बताए। उन्होंने कहा कि पंजाब में हीटवेव के बढ़ने का कारण पराली को जलाना भी है। साथ ही कृत्रिम बारिश और साइक्लोन के रास्ता बदलने जैसे सवालों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।

इंदरप्रीत सिंह, चंडीगढ़। मौसम विभाग ने बढ़ते तापमान को लेकर आज एक बार फिर से चेतावनी जारी की है कि अभी पंजाब में इसको लेकर कोई राहत नहीं है । गौर हो कि कल पंजाब के बठिंडा में तापमान 48.4 डिग्री तक पहुंच गया था। मौसम विभाग में बढ़ते तापमान को लेकर कई तरह की एडवाइजरी जारी की है।
विभाग के डायरेक्टर एके सिंह और साइंटिस्ट शविंदर पाल सिंह ने कई ऐसे आम सवाल जो मौसम विभाग से पूछे जा रहे हैं उनके जवाब भी दिए। डॉ. एके सिंह ने कहा कि पंजाब में हीट वेव के बढ़ने का मुख्य कारण पराली अवशेषों को जलाना भी है क्योंकि इससे पर्यावरण में कार्बन की मात्रा जरूरत से ज्यादा बढ़ती जा रही है। यही नहीं धान की फसल भी मेथेन गैस को बढ़ाती है यह पंजाब और हरियाणा के लिए बिल्कुल सही फसल नहीं है। किसानों को इसके दूरगामी नुकसान को देते हुए बंद कर देना चाहिए।
यूक्रेन रूस की लड़ाई के बाद भी हो सकती ग्लोबल वार्मिंग
उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) का असर कहां पर हो रहा है इसे बताया नहीं जा सकता। जैसा कि यूक्रेन और रूस की लड़ाई का असर भी पंजाब में बढ़ती हीट वेव को लेकर हो सकता है। ऐसे ही साउथ अमेरिका में अल नीनो का असर भी यहां दिखाई पड़ रहा है। डॉ. एके सिंह ने कहा कि हमसे लगातार यह सवाल पूछे जा रहे हैं कि क्या आर्टिफिशियल बारिश (Artificial Rain) करवाकर इस हीट वेव को काम किया जा सकता है, अगर कई देश ऐसा कर रहे हैं तो भारत ऐसा क्यों नहीं कर रहा।
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कृत्रिम बारिश से मौसम हो सकता आउट ऑफ कंट्रोल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयोग कर्नाटक सहित कुछ राज्यों में किए गए हैं लेकिन यह प्रयोग प्रकृति के खिलाफ हैं। उन्होंने दुबई की उदाहरण देते हुए कहा कि इसी साल वहां पर जबरदस्त बाढ़ भी आ गई है क्योंकि एक बार कृत्रिम बारिश करवाने के लिए जिन गैसों का प्रयोग किया जाता है उससे मौसम कितना आउट ऑफ कंट्रोल हो जाएगा, इसके बारे में कहना उचित नहीं है। डॉक्टर सिंह ने कहा कि कृत्रिम बारिश करवाने के लिए बादलों का होना और मौसम में नमी की मात्रा का होना भी जरूरी है खुश्क मौसम में यह नहीं करवाई जा सकती।
साइक्लोन का रास्ता बदलना प्रकृति के खिलाफ- डॉ. सिंह
इसी तरह साइक्लोन का रास्ता बदलने के प्रयोग पर भी डॉक्टर सिंह ने कहा कि यह भी प्रकृति के खिलाफ है । प्रकृति कब इसका किस रूप में जवाब देगी यह कहा नहीं जा सकता। पश्चिमी विक्षोभ को पंजाब के लिए वरदान के साथ अभिशाप भी करार देते हुए डॉक्टर एके सिंह ने कहा कि पिछले साल 8, 9 और 10 जुलाई को जो बरसात के कारण बाढ़ आई है, वह पश्चिमी विक्षोभ और मानसून के एक साथ आने को लेकर आई है। इसलिए यह कहना सही नहीं है कि पश्चिमी विक्षोभ से केवल लाभ ही होता है।
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