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    पंजाब में अभी बाढ़ का कोई खतरा नहीं, बांधों का जलस्तर साल 2023 से काफी नीचे; विधानसभा में दी गई जानकारी

    Updated: Mon, 14 Jul 2025 07:14 PM (IST)

    पंजाब के जल स्रोत मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि हिमाचल में भारी बारिश के बावजूद पंजाब में बाढ़ का खतरा नहीं है क्योंकि बांधों का जलस्तर 2023 से काफी नीचे है। सरकार ने बाढ़ से बचाव के लिए सभी नदी-नालों को साफ कर दिया है। विधायक राणा इंद्र प्रताप सिंह ने बांधों की कमजोरी पर चिंता जताई जिसके जवाब में मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की।

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    पंजाब में अभी बाढ़ का कोई खतरा नहीं (फाइल फोटो)

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब में अभी बाढ़ से कोई खतरा नहीं है। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश होने के बावजूद बांध का जलस्तर 2023 के मुकाबले काफी नीचे है । 2023 में भारी बारिशों के कारण पंजाब में बाढ़ आ गई थी। यह जानकारी पंजाब के जल स्रोत मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने निर्दलीय प्रत्याशी राणा इंद्र प्रताप सिंह के ध्यान आकर्षण प्रस्ताव पर दी।

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    उन्होंने बताया कि भाखड़ा बांध का जलस्तर 1593 फुट है जो 2023 में 1634 फुट पर था। इसी तरह व्यास नदी पर बने पोंग बांध का जलस्तर 1328 फुट है जो 2023 में 1366 पर था। रणजीत सागर का जलस्तर 1637 फुट है जो 2023 में 1715 फुट था।

    उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार ने बाढ़ से बचने के लिए सभी नदी ,नालों को मुकम्मल साफ कर दिया है और इसके लिए 204 करोड रुपए का प्राविधान किया गया है। इसके अलावा रेत के बैग और अन्य सदस्यों सामान भी तैयार किया गया है ताकि किसी प्रकार की कोई कमी ना रहे।

    अपने अनुपूरक सवाल पर राणा इंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि व्यास नदी पर 12 से 15 स्थान ऐसे हैं जहां बांध बहुत कमजोर हैं और ज्यादा पानी आने पर यहां से बांध टूट सकते हैं।

    इसकी जानकारी डिप्टी कमिश्नर को भी दी जा चुकी है लेकिन इनको मजबूत करने पर कोई काम नहीं किया गया है। अगर बरसात ज्यादा हुई तो हरिके से लेकर ढिलवां तक बांधों को टूटने से कोई नहीं रोक पाएगा।

    जिस पर मंत्री ने कहा कि नदी पर जो बांध सरकार ने बनाए हैं ,उन पर काम किया गया है लेकिन जो लोगों ने अपने स्तर पर बनाए हैं वहां काम नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि हरीके से लेकर ढिलवां तक बहुत से स्थान ऐसे हैं जिनकी डी सिल्टिंग करने की जरूरत है लेकिन यह फॉरेस्ट के क्षेत्र है इसलिए इनकी स्टडी देहरादून वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट से करवाई गई है और इस संबंधी जानकारी राजस्थान सरकार को भी भेजी गई है।

    उन्होंने बताया कि इन स्थानों पर कोई भी कार्रवाई करने से पूर्व भारत सरकार की मंजूरी भी लेनी पड़ती है । इस मौके पर कुलजीत सिंह रंधावा ने घग्गर नदी पर बढ़ रहे पानी के बारे में भी अपनी बात रखी।

    दोनों विधायकों के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री वीरेंद्र कुमार गोयल ने कहा कि राजस्थान और हरियाणा सरकारी इन दिनों में ज्यादा पानी लेने को उत्सुक नहीं होती उन्होंने यह भी कहा कि जब पानी की जरूरत होती है तब यह पंजाब से उसके हिस्से का पानी मांगते रहते हैं, लेकिन अब जबकि पानी ज्यादा है तो यह लेने में कोई रुचि नहीं दिखाई।

    घन्नौर के विधायक गुरलाल ने भी घग्गर दरिया में आने वाली बाढ़ से बचने के लिए इसके साथ लगती पंचायती जमीनों पर कृत्रिम झील ने बनाने का सुझाव दिया और कहा कि बाढ़ के दिनों में इन झीलों में पानी को रोका जा सकता है ताकि जब किसानों को पानी की जरूरत हो तो उन्हें यहीं से पानी दिया जा सके। इससे घग्गर में बाढ़ के हालात भी कम होंगे।