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NGT का बड़ा फैसला, रूपनगर में अवैध रूप से काटे गए खैर के पेड़ों के बदले लगे 15 हजार से अधिक पौधे, याचिका बंद

Published: Fri, 16 Oct 2026 01:08 PM (GMT+05:30)

रूपनगर में 1,561 खैर के पेड़ों की अवैध कटाई मामले में एनजीटी ने वन विभाग द्वारा 15,610 नए पौधे लगाने ...और पढ़ें

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल।

HighLights

  1. एनजीटी ने अवैध खैर कटाई मामले में याचिका का निस्तारण किया।

  2. रूपनगर में काटे गए 1,561 पेड़ों के बदले 15,610 पौधे लगाए।

  3. वन विभाग ने 98% पौधों के जीवित रहने का दावा किया।

डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब के रूपनगर वन विभाग के अंतर्गत तीन गांवों के संरक्षित वनों में खैर के 1,561 पेड़ों की अवैध कटाई के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने कार्रवाई रिपोर्ट पर संतोष जताते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया है। वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, काटे गए प्रत्येक पेड़ के बदले 10 पौधे लगाने के निर्देश के तहत कुल 15,610 पौधे लगाए गए हैं।

विभाग ने इनमें 98 प्रतिशत पौधों के जीवित रहने का दावा किया है। एनजीटी ने माना कि पौधारोपण, आपराधिक कार्रवाई और विभागीय जांच सहित आवश्यक कदम उठाए जा चुके हैं। ऐसे में अब अतिरिक्त निर्देश देने की जरूरत नहीं है। नई दिल्ली स्थित एनजीटी की प्रधान पीठ ने प्रदीप शर्मा बनाम पंजाब राज्य एवं अन्य मामले में यह आदेश दिया।

पीठ में अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद शामिल थे। अधिकरण ने पांच अगस्त 2026 के अपने निर्देशों के अनुपालन में रूपनगर के प्रभागीय वन अधिकारी की ओर से आठ अक्टूबर को प्रस्तुत रिपोर्ट पर विचार किया।

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तीन गांवों में काटे गए पेड़

वन विभाग के अनुसार, फतेहपुर गांव के वन क्षेत्र में 772, बगवाली में 743 और भंगाला में 46 पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया था । इस मामले में 19 जनवरी 2026 को थाना सदर, रूपनगर में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बरामद लकड़ी के 793 लट्ठे जब्त कर आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। आदेश में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस जांच अभी जारी थी।

पांच साल तक करना होगा रखरखाव

अधिकरण के निर्देश पर लगाए गए पौधों में खैर और शीशम के अलावा शहतूत, जामुन तथा आम जैसी प्रजातियां भी शामिल हैं। विभाग ने पौधों के पांच वर्ष तक रखरखाव के लिए अनुमान स्वीकृत होने की जानकारी दी। वन अधिकारी की निगरानी में पौधों के जीवित रहने की स्थिति का आकलन किया गया।

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अवैध कटाई रोकने के लिए बढ़ाई निगरानी

वन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और अंतरराज्यीय सीमावर्ती स्थानों पर स्थायी जांच चौकियां स्थापित करने की जानकारी दी। संबंधित ब्लॉक अधिकारी, वन रक्षक नरिंदर सिंह और रेंज अधिकारी राजदविंदर सिंह के विरुद्ध विभागीय जांच भी जारी है।

कथित रूप से संलिप्त निजी ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी भी रिपोर्ट में दी गई है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर नुकसान की वसूली सहित आवश्यक कदम उठाए जाने का आश्वासन भी अधिकारियों की ओर से दिया गया। इन कार्रवाईयों को ध्यान में रखते हुए एनजीटी ने मूल आवेदन के साथ लंबित अंतरिम आवेदन का भी निस्तारण कर दिया।

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