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    चाहती तो बच सकती थीं, हर हाल में फर्ज निभाकर गई नीरजा

    By JagranEdited By:
    Updated: Wed, 30 May 2018 04:07 PM (IST)

    नीरजा भनोट ने देश के लिए बड़ा बलिदान दिया। हाईजैक किए गए प्लेन से वो चाहती तो आसानी से निकल सकती थी, लेकिन ड्यूटी निभाते हुए अपनी जान देकर कई जिंदगियां बचाई।

    चाहती तो बच सकती थीं, हर हाल में फर्ज निभाकर गई नीरजा

    जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : यूटी प्रशासक और पंजाब के गवर्नर वीपी सिंह बदनौर ने पीयू में नीरजा भनोट के नाम पर 22 करोड़ से बने ग‌र्ल्स हॉस्टल नंबर दस का मंगलवार को उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि नीरजा भनोट ने देश के लिए बड़ा बलिदान दिया। हाईजैक किए गए प्लेन से वे चाहती तो आसानी से निकल सकती थी, लेकिन ड्यूटी निभाते हुए अपनी जान देकर कई जिंदगियां बचाई। हर हाल में ड्यूटी पूरी की। वहीं, सांसद किरण खेर ने कहा कि जब पता लगा कि हॉस्टल का नाम नीरजा के नाम पर होगा, तो मैंने वीसी को कहा कि उद्घाटन के समय मुझे जरूर बुलाना। नीरजा के परिवार को भी इस मौके पर आमंत्रित किया गया था। उनके भाई अनीष और अखिल समेत परिजन शामिल हुए। इससे पहले प्रशासनिक भवन में पीयू के पूर्व वीसी दीवान आनंद कुमार के पोट्रेट का भी उद्घाटन किया गया। इसके बाद साउथ कैंपस में टीचर्स फ्लैट्स का भी उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में एडवाइजर परिमल राय, पुटा अध्यक्ष प्रो. राजेश गिल, प्रो. नीना कपिलाश, प्रो. नवदीप गोयल, रजिस्ट्रार रिटायर्ड कर्नल जीएस चढ्डा, डॉ. विशाल शर्मा, डॉ. संजीव गौतम, डॉ. सुमन मोर, डॉ. जसकरण, प्रो. एम्युनल नाहर, एक्सईएन आरके राय और प्रो. रौनकी राम मौजूद रहे। हम नीरजा को प्यार से लड्डो कहते थे

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    नीरजा के भाई अनीष भनोट ने कहा कि हम उनको प्यार से लड्डो कहते थे। वे काम को लेकर पूरी तरह समर्पित थी। प्लेन हाईजेक के समय चाहती, तो निकल सकती थी, लेकिन उन्होंने अपने कर्तव्य को तवज्जो दी। गोली चलने पर तीन बच्चों को कवर करते हुए खड़ी हो गई। हॉस्टल में दो टावर और बनेंगे

    वीसी प्रो. अरुण ग्रोवर ने कहा कि हॉस्टल में ही इमारत के सामने दो टावर बनेंगे, जिनमें कई फ्लोर होंगे। इनकी मेस को नीरजा हॉस्टल की मेस के प्रथम तल पर लगाया जाएगा। इसकी प्लानिंग की जा रही है। ..वीसी की बीवी उनसे बड़ा प्यार करती है

    सांसद किरण खेर ने कहा वीसी साहब की पत्नी उनको बड़ा प्यार करती है। जब वे स्पीच दे रहे थे, वे उन्हें बड़े प्यार से निहार रही थी। यह सुनते ही पूरे हाल में ठहाके गूंज उठे। आगे कहा कि मेरे समय में यहां तीन ही हॉस्टल थे। अब सारी बातें याद आती हैं। पीयू अपनी है, आलोचना और प्रशंसा दोनों का हमें हक है। वीसी ने माना : एनओसी को लेकर दिक्कत थी

    वीसी ने सबके सामने स्वीकार किया कि इमारत की एनओसी को लेकर कई तकनीकी खामियां थी। पीयू की तरफ से कुछ कमियां थी, लेकिन यूटी प्रशासन के सहयोग से सब संभव हो पाया। हम अब सब इमारतों के कागजात उनको देंगे। उन्होंने सभी सिंडीकेट मेंबर्स और सीनेटर्स का धन्यवाद किया।