सांसद अमृतपाल की पार्टी की रजिस्ट्रेशन में देरी का मुद्दा पंजाब विधानसभा में उठा, गृह विभाग से रिपोर्ट की मांग
पंजाब विधानसभा में 'वारिस पंजाब दे' संगठन के राजनीतिक दल के रूप में रजिस्ट्रेशन में हो रही देरी पर हंगामा ...और पढ़ें

सांसद अमृतपाल सिंह और सदन में मुद्दे को उठाते हुए मनप्रीत अयाली।
HighLights
अयाली ने 'वारिस पंजाब दे' रजिस्ट्रेशन में देरी का मुद्दा उठाया।
गृह विभाग से चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेजने की मांग की।
भाजपा पर रजिस्ट्रेशन में बाधा डालने का आरोप लगाया गया।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा के शून्यकाल के दौरान शिरोमणि अकाली दल (बादल) के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने वारिस पंजाब दे संगठन के राजनीतिक दल के रूप में रजिस्ट्रेशन में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि पंजाब के गृह विभाग की ओर से चुनाव आयोग को जल्द रिपोर्ट भेजी जाए, ताकि रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
मनप्रीत अयाली ने सदन में कहा कि उनके पास 14 जुलाई और 13 अक्टूबर के दो पत्र हैं। उनके अनुसार, भारत के चुनाव आयोग ने पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से राज्य सरकार के गृह विभाग से पूछा था कि वारिस पंजाब दे संगठन को राजनीतिक दल के रूप में रजिस्टर करने पर उसे कोई आपत्ति है या नहीं।
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गृह विभाग ने नहीं दिया जवाब
उन्होंने कहा कि दो पत्र आने और रिमाइंडर भेजे जाने के बावजूद गृह विभाग की ओर से अब तक जवाब नहीं दिया गया है। अयाली ने कहा कि इस प्रक्रिया में सात महीने से अधिक समय लग चुका है, लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं भेजी गई।
विधायक ने दावा किया कि वारिस पंजाब दे संगठन का पंजाब में बड़ा आधार है और इसके दो सांसद हैं। उन्होंने कहा कि संगठन के साथ लगातार लोग जुड़ रहे हैं, लेकिन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
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भाजपा डाल रही रजिस्ट्रेशन में बाधा
अयाली ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार संगठन के रजिस्ट्रेशन में बाधा डाल रही है। उन्होंने आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार पर भी जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में अब कम समय बचा है। ऐसे में राज्य सरकार को गृह विभाग की रिपोर्ट जल्द से जल्द चुनाव आयोग को भेजनी चाहिए, ताकि वारिस पंजाब दे के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी हो सके। मनप्रीत अयाली ने विधानसभा अध्यक्ष के माध्यम से सरकार से मांग की कि इस मामले में बिना देरी किए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
