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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 18, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बेहतर शिक्षा के लिए MHRD ने शुरू की नई योजना, लाइब्रेरी के लिए बीस हजार तक की मिलेगी ग्रांट

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Published: Wed, 18 Mar 2020 07:39 PM (IST)Updated: Thu, 19 Mar 2020 09:58 AM (IST)

बच्चों को सर्वोच्च और आधुनिक शिक्षा देने के उद्देश्य से मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सम्रग शिक्षा में बदलाव किया है।

बेहतर शिक्षा के लिए MHRD ने शुरू की नई योजना, लाइब्रेरी के लिए बीस हजार तक की मिलेगी ग्रांट
बेहतर शिक्षा के लिए MHRD ने शुरू की नई योजना, लाइब्रेरी के लिए बीस हजार तक की मिलेगी ग्रांट

चंडीगढ़, [वैभव शर्मा]। बच्चों को सर्वोच्च और आधुनिक शिक्षा देने के उद्देश्य से मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) ने समग्र शिक्षा में बदलाव किया है। योजना के तहत देश के स्कूलों में सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए), राष्ट्रीय मध्यम शिक्षा अभियान (आरएमएसए) और शिक्षक शिक्षा (टीई) के रूप में कार्य होगा। योजना में स्कूल शिक्षा क्षेत्र में प्री-स्कूल से बारहवीं कक्षा तक स्टूडेंट्स को फायदा दिया जाएगा।

मंत्रालय द्वारा स्कूल शिक्षा के सभी स्तरों पर समावेशी और समान गुणवत्ता वाली शिक्षा देने का लक्ष्य बनाया है। इस योजना को देश के हर सरकारी स्कूलों में इस सत्र से लागू किया जाएगा। सभी स्कूलों में यूथ क्लब को अनिवार्य रखा गया है। स्कूलों में बने यूथ क्लब की मॉनीटरिंग एमएचआरडी मंत्रालय स्वंय करेगा। वहीं संबंधित शहरों या फिर राज्यों के शिक्षा विभाग इसकी जानकारी हर सप्ताह मंत्रालय को देगा।

योजनाओं में यह रहेंगी विशेष बातें

स्कूलों में बनी लाइब्रेरी को मजबूती देने के लिए प्रति वर्ष पांच से बीस हजार रुपये मिलेंगे। समग्र स्कूल अनुदान के तहत स्कूल नामांकन के आधार पर 25 हजार से लेकर एक लाख रुपये आवंटित किए जाएंगे। स्कूलों में खेल को बढ़ावा देने के लिए प्राइमरी स्कूलों में खेल उपकरणों के लिए पांच हजार, अपर प्राइमरी स्कूलों के लिए दस हजार और सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के लिए 25 हजार रुपये का वार्षिक बजट, स्कूलों में पहली से बारहवीं कक्षा के विशेष आवश्यकता वाले स्टूडेंट्स के लिए 3500 रुपये प्रति बच्चा, प्रति वर्ष के अलावा सीडब्ल्यूएसएन के तहत आने वाली लड़िकयों को 200 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। शिक्षकों की गुणवत्ता में सुधार के लिए एससीईआरटी और डाइट जैसे शिक्षा संस्थानों को मजबूत किया जाएगा, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल बोर्ड और डीटीएच चैनलों के माध्यम से शिक्षा में डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग।

योजना के अंतर्गत इन क्षेत्रों में दिया जाएगा जोर

आधारभूत संरचना विकास और प्रतिधारण सहित यूनिवर्सल एक्सेस, क्वालिटी, शिक्षक वेतन के लिए वित्तीय सहायता, डिजिटलाइजेशन, आरटीई अधिनियम, 2009 के तहत बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार के साथ निशुल्क वर्दी, पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराना, प्री-स्कूल एजुकेशन, वोकेशनल एजुकेशन, स्पो‌र्ट्स और फिजिकल एजुकेशन, टीचर एजुकेशन और ट्रेनिंग को मजबूत बनाना और योजना की निगरानी।