जेएनएन, चंडीगढ़। बसपा सुप्रीमो सुश्री मायावती ने कहा कि अब वक्त आ गया है जब दलित, पिछड़ा वर्ग, गरीब, मुसलमान व अन्य सभी वर्गों के शोषित लोग एक मंच पर एकत्र हो जाएं। उन्होंने लोकसभा चुनाव समय से पहले होने की संभावना जताई। कहा कि इसलिए अब जरूरी है कि भाजपा को सत्ता में आने से रोका जाए और सभी वर्ग एकजुट हो जाएं। मायावती चंडीगढ़ में रैली को संबोधित कर रही थी। रैली के साथ ही उन्होंने यहां लोकसभा चुनाव की तैयारियों का आगाज किया।

काशीराम के जन्म दिवस पर आयोजित रैली में मायावती ने  कहा कि उत्तर प्रदेश में 2 सीटों पर उपचुनाव में हुई विपक्ष की जीत पूरे देश को यह संदेश देती है कि आप लोग क्या चाहते हैं, इसलिए भाजपा अब इस जीत से डरकर लोकसभा चुनाव समय से पहले करा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि यूपी में योगी सरकार बसपा सरकार के कार्यकाल की नकल कर रही है। इसके बाद भी लोगों का भला नहीं हो पा रहा है। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी गरीब व दलित विरोधी है। इस सरकार के शासनकाल में गरीब घुट-घुट कर जी रहा है। कानून व्यवस्था की स्थिति चौपट हो चुकी है। दलितों पर अत्याचार बढ़ा है।

मायावती ने कहा कि वर्तमान में गरीबों, दलितों, आदिवासियों पर अत्याचार हो रहे हैं। भाजपा की गलत नीतियों व गलत कार्यशैली के कारण यह वर्ग परेशान है। बसपा ने एेसे लोगों को जुल्मों से निजात दिलाने के लिए हर स्तर पर इन्हें संगठित करने का फैसला लिया है। इसके लिए वह यहां आई हैं। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि जब 1995 में उत्तर प्रदेश में उनकी सरकार बनी थी तो उन्होंने सभी वर्गों के हितों की रक्षा की। खासकर कमजोर व उपेक्षित वर्गों का विशेष ध्यान रखा।

मायावती ने कहा कि उन्होंने अपने मुख्यमंत्रित्वकाल में सभी वर्गों के कल्याण के लिए अलग-अलग विभाग बनाए। बसपा की सरकार ने मोदी सरकार की तरह रोजगार देने के हवाई वादे नहीं किए, बल्कि ठोस काम किया। कई लोगों को रोजगार दिया गया। कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखी और अपराधमुक्त समाज की स्थापना की। वर्तमान भाजपा सरकार मेें कानून व्यवस्था की स्थिति चौपट हो गई है।

बसपा की रैली में पहुंचे कार्यकर्ता।

मायावती ने कहा कि जब से केंद्र और देश के कई राज्यों में बीजेपी सरकार बनी है, तभी से आरएसएस के एजेंडे को लागू करने की कोशिश की जा रही है। दलित, गरीब तबकों व अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। राज्यसभा में जब उन्होंने बात रखने की कोशिश की तो उन्हें बोलने नहीं दिया गया। इस कारण उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। मायावती ने कहा कि वर्तमान सरकार में वह संसद में ही दलितों की बात नहीं रख सकती, इसी से दुखी होकर उन्होंने राज्यसभा छोड़ी।

मायावती कांग्रेस पर भी बरसी। कहा कि कांग्रेस ने मंडल कमीशन की रिपोर्ट को लागू नहीं किया था। बाद में बसपा के दबाव में वीपी सिंह सरकार ने इसे लागू किया था। बाबा भीमराव अंबेडकर को भारत रत्न भी वीपी सिंह सरकार में ही दिया गया।

कांग्रेस व आप भी निशाने पर

मायावती के पूरे भाषण में भाजपा के साथ साथ कांग्रेस भी निशाने पर रही। उन्होंने इस बात पर जोर दिया की छोटे राज्यों में भी अब पिछड़े और दलित वर्ग सहित आम शोषित वर्ग के लोगों को एक मंच पर आना होगा। न ही कांग्रेस ने कभी इनका भला किया और न ही आरएसएस के एजेंडे पर चल रही भाजपा इनका भला कर रही है। उन्होंने बिना नाम लिए आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह चाहती तो यूपी से मोटी धनराशि लेकर कई अमीरों को राज्यसभा भेज सकती थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

करीमपुरी की पंजाब से छुट्टी

मायावती ने पंजाब से अवतार सिंह करीमपुरी की छुट्टी करते हुए कहा कि करीमपुरी से जो उम्मीदें थी उन पर खरे नहीं उतरे हैं, इसलिए उन्हें पंजाब के सभी मामलों में दखलंदाजी से रोक दिया गया है। अब केवल वह हिमाचल प्रदेश में पार्टी का काम देखेंगे। मायावती ने हिमाचल प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में भी बेहतर परिणाम न आने को लेकर करीमपुरी की मंच से ही जमकर खिंचाई की।

छोटे राज्यों में संभावनाएं तलाशने की कवायद

छोटे राज्यों में एक बार फिर से अपना भविष्य तलाशते हुए  मायावती ने अपने संबोधन में बार-बार इस बात को दोहराया कि छोटे राज्यों में दलित व गरीब एकजुट होकर भाजपा को आसानी से आगामी लोकसभा चुनाव में जीतने से रोक सकते हैं। जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश के कार्यकर्ताओं को रैली में बुलाकर संबोधित करके मायावती ने इस बात के भी संकेत दे दिए हैं कि आने वाले लोकसभा चुनाव में इन राज्यों में वोट कटवा के रूप में बसपा अहम भूमिका निभा सकती है।

किसान आत्महत्या का मुद्दा भी उठाया

मायावती ने पंजाब में हो रही किसानों की आत्महत्याओं का मुद्दा उठाया। कहा कि उनकी सरकार में यूपी में किसान आत्महत्या करने पर मजबूर नहीं होते थे, लेकिन पंजाब व उत्तर प्रदेश में कांग्रेस व भाजपा सरकार के कार्यकाल में किसान आत्महत्याएं करने पर मजबूर हो रहे हैं।

सुरक्षा रही कड़ी

रैली में शामिल होने के लिए हरियाणा व पंजाब से कार्यकर्ता पहुंचे हुए थे। रैली ग्राउंड में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। इसमें आइबी, इंटेलिजेंस, सीआइडी, सिक्योरिटी सहित थाना पुलिस व ट्रैफिक कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। ट्रैफिक इंचार्ज इंस्पेक्टर दिलशेर चंदेल के नेतृत्व में 40 ट्रैफिक मुलाजिम एरिया में ट्रैफिक व पार्किग व्यवस्था की कमान संभाल रहे थे।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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