Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    जल संकट से निपटने के लिए मान सरकार तैयार, 'मालवा नहर परियोजना' से सुधरेगा भूजल का स्तर

    Updated: Mon, 31 Mar 2025 04:46 PM (IST)

    पंजाब की भगवंत मान सरकार राज्य में विकास के लगातार नए आयाम गढ़ रही है। मान सरकार राज्य में जल संकट से निपटने के लिए कई परियोजनाएं चला रही है। इन परियोजनाओं का मकसद भूजल संरक्षण के साथ पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना सिंचाई को नई दिशा देना है। सरकार की इस मुहिम के तहत ही राज्य में मालवा नहर परियोजना का संचालन किया जा रहा है।

    Hero Image
    मालवा नहर परियोजना पंजाब राज्य की एक महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना है।

    चंडीगढ़। पंजाब की भगवंत मान सरकार राज्य में विकास के लगातार नए आयाम गढ़ रही है। मान सरकार राज्य में जल संकट से निपटने के लिए कई परियोजनाएं चला रही है। इन परियोजनाओं का मकसद भूजल संरक्षण के साथ पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना सिंचाई को नई दिशा देना है। सरकार की इस मुहिम के तहत ही राज्य में 'मालवा नहर परियोजना' का संचालन किया जा रहा है। जिसका मकसद राज्य में जल संकट का समाधान करने के साथ ही किसानों को राहत देना भी है। मान सरकार की यह परियोजना देश की आजादी के बाद से अब तक की पंजाब में निर्मित अपनी तरह की पहली परियोजना है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    मालवा नहर परियोजना पंजाब राज्य की एक महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना है, जिसका उद्देश्य मालवा क्षेत्र में जल आपूर्ति को बेहतर बनाना और किसानों को सिंचाई की सुविधाएं प्रदान करना है। यह परियोजना सतलुज और ब्यास नदियों के जल को नहरों के माध्यम से दक्षिण-पश्चिम पंजाब के शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए बनाई गई है। इस नहर से मालवा क्षेत्र के सूखाग्रस्त हिस्सों को सिंचाई का पानी मिलेगा, जिससे फसल उत्पादन में वृद्धि होगी। साथ ही सतलुज-ब्यास नदी प्रणाली के जल का प्रभावी उपयोग भी किया जाएगा।

    मान सरकार 'मालवा नहर परियोजना' से किसानों को नहर आधारित सिंचाई प्रणाली उपलब्ध कराकर उनकी आय और जीवन स्तर को सुधारने का प्रयास कर रही है। साथ ही इस परियोजना से भूजल स्तर को बनाए रखने और जल संकट की समस्या को कम करने में भी मदद मिलेगी। राज्य सरकार की इस परियोजना से पंजाब के मालवा क्षेत्र के जिले जैसे मोगा, फरीदकोट, मुक्तसर, मानसा, भटिंडा, और संगरूर आदि लाभान्वित होंगे। यह परियोजना पंजाब के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में जल संकट को दूर करने और राज्य की आर्थिक प्रगति में योगदान देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    परियोजना की लागत

    सीएम भगवंत मान द्वारा किसानों के हितों को ध्यान में रखकर चलाई जा रही 'मालवा नहर परियोजना' में करीब 2300 करोड़ रुपयों की लागत आने का अनुमान है। जानकारी के मुताबिक मालवा नहर की लंबाई करीब 149.53 किलोमीटर और चौड़ाई 30 फीट होगी। वहीं अगर नहर की गहराई की बात करें तो यह नहर 12.5 फीट गहरी होगी और इसमें 2000 क्यूसेक पानी की क्षमता होगा। इस नहर से श्री मुक्तसर साहिब, फिरोजपुर, फरीदकोट, बठिंडा और फाजिल्का जिलों के 62 गावों समेत कुल 250 गावों को भरपूर पानी मिलेगा। नहर का निर्माण हरिके बैराज से शुरू होकर मुक्तसर जिले तक पहुंचेगा। राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही इस परियोजना को लेकर सीएम भगवंत मान का कहना है कि देश की आजादी के बाद राज्य में यह पहली नहर बनेगी, जो की अपने आप में एक इतिहास होगा।

    भूजल की गुणवत्ता में होगा सुधार

    पंजाब में भूजल की गुणवत्ता में सुधार के लिए राज्य की भगवंत मान सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। विशेषज्ञों की माने तो राज्य के मालवा इलाके में भूजल की गुणवत्ता काफी नाजुक स्थिति में है। जिसका सीधा असर उस इलाके में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। पंजाब को भारत के 'अन्न भंडार' के रूप में जाना जाता है, लेकिन आज यह राज्य एक गंभीर समस्या का सामना कर रहा है। स्थिति यह है कि प्रदूषित भूजल के कारण लोग गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। बठिंडा कृषि विज्ञान केंद्र के पूर्व एसोसिएट निदेशक जतिंदर सिंह बराड़ के मुताबिक नहर के पानी के सीपेज से भूजल में चौकाने वाला सुधार आता है। पक्की नहर बनने से भूजल पर एक चौथाई असर पड़ता है, जबकि कच्ची नहर से भूजल की गुणवत्ता को सीधा फायदा पहुंचाता है। ऐसे में अगर मालवा नहर अगर कच्ची रहती है तो इसका बहुत फायदा होगा।