Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    चंडीगढ़ के पॉश एरिया में 'भूतिया' बंगला, जहां मेजर बाप और बेटी ने किया खुद को कैद, डरा देगी इनकी कहानी

    By Ankesh ThakurEdited By:
    Updated: Tue, 22 Feb 2022 07:19 PM (IST)

    चंडीगढ़ के पॉश एरिया सेक्टर-36 में एक ऐसा घर है जो बाहर से देखने में बिल्कुल जंगल लगता है। आसपास के लोग इस घर में जाने से डरते हैं। लोग इसे भूत बंगला कहते हैं। वहीं इस कोठी में एक बाप अपनी बेटी के साथ रहता है।

    Hero Image
    यह कोठी चंडीगढ़ के सेक्टर-36 में स्थित है।

    सुमेश ठाकुर, चंडीगढ़। सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ के पॉश एरिया में एक ऐसा घर है, जहां जाने से आम लोग तो क्या प्रशासन के अधिकारी भी डरते हैं। लोग इस घर को भूतिया बंगला कहते हैं। हैरानी की बात यह है कि इस घर में सेना से रिटायर्ड मेजर और उसकी बेटी ने खुद को कैद करके रखा है। घर के ईर्द गिर्द जंगल उग चुका है। मकान के चारों तरफ झाड़ियां का जंगल बना हुआ है। इस भूतिया बंगले के अंदर 90 वर्षीय मेजर चड्ढा और उनकी 60 वर्षीय बेटी रहती है। वहीं, इस कोठी में उनका एक पालतू कुत्ता भी है। 

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    शहर के पॉश एरिया में स्थित कोठी के अंदर जाने और बाहर आने का कोई रास्ता नहीं है। क्योंकि घर के चारों तरफ जंगल बन चुका है। कोठी से आए दिन सांप, चूहे, बिल्लियां और अन्य जंगली जीव पड़ोसियों के घर घुस रहे हैं। जंगली जीव-जंतुओं से परेशान स्थानीय लोगों ने प्रशासन को चार अगस्त 2021 को शिकायत दी, लेकिन छह महीने बीत जाने के बाद कुछ नहीं हुआ। स्थानीय लोग जहां कोठी की स्थिति से परेशान हैं तो वहीं पर घर के अंदर रह रहे इंसान और जानवरों की स्थिति को देखकर चिंता में है।

    घर के मेन गेट तक झाड़ियां उग चुकी हैं।  

    काेठी के साथ पार्क में खेलने वाले बच्चों को मारे जाते हैं पत्थर

    कोठी साथ एक पार्क है, जहां हर रोज बच्चे खेलते हैं। खेलते हुए बच्चों की बाल कोठी की चार दीवारी में चल जाए तो वापस लेने जाने वाले बच्चों को घर में मौजूद महिला पत्थर मारकर बाहर भगा देती है। वहीं, घर में बंद कुत्ता भौंकता है। घर के फ्रंट गेट के साथ यदि नगर निगम के कर्मचारी सफाई के लिए आता है ताे भी महिला उन्हें सफाई करने से रोकती है।  

    आसपास के लोग इस घर के पास जाने से भी डरते हैं।

    छह महीने पहले प्रशासन को दी शिकायत, नहीं हुई कारवाई

    जंगल बन चुकी कोठी से परेशान स्थानीय लोगों ने चार अगस्त 2021 को एसडीएम कार्यालय में शिकायत दी थी लेकिन स्थिति जस की तस है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक बार पुलिस और सोशल वेलफेयर की टीम आई, लेकिन घर के अंदर घुसने की हिम्मत कोई नहीं कर सका। क्योंकि घर के अंदर कुत्ता किसी को अंदर आने नहीं देता। वहीं, लोगों ने बताया कि घर में रहे मेजर चड्ढा के पास दो रिवाल्वर भी हैं। जो कभी भी गोली चला सकते हैं। इसी डर से कोई भी घर के अंदर जाने से डरता है।  

    तीन साल पहले कटवाया बिजली कनेक्शन, एडवांस में भर दिया है पानी का बिल

    स्थानीय लोगों की मानें तो घर के अंदर जनवरी 2019 से बिजली बंद है। पड़ोसियों ने जब स्थानीय बिजली आफिस से बात की तो पता चला कि बिजली का कनेक्शन खुद कटवाया गया है। इसके साथ ही पानी का बिल 2019 में ही वर्ष 2023 तक का भरा हुआ है जिसके बाद पानी जा रहा है लेकिन पानी के बिल की रीडिंग लेने कोई नहीं आता। 

    महिला कभी कभार लाती है राशन

    घर के अंदर रह रहे लोगों के गुजर बसर पर पड़ोसियों का कहना है कि घर के अंदर रहने वाली महिला 20 से 30 दिन में एक बार बाहर आती है। वह बाहर निकलती है तो आटो में बोरियां भरकर राशन की लाती है। पार्क की तरफ से घर की दीवार को तोड़कर अंदर जाने का रास्ता है और उसी रास्ते के साथ एक दरवाजा है, जिससे महिला घर के अंदर चली जाती है और कभी घर से बाहर नहीं आती। इसी प्रकार से घर के अंदर रहने वाला मेजर भी महीनों से बाहर आता नहीं देखा। मेजर चड्डा के साथ उनकी पत्नी भी रहती है, लेकिन लोगों का कहना है कि वह करीब दो साल पहले मर चुकी है। मृतका का अंतिम संस्कार कब और कहां हुआ इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है।

    1994 में बना घर, बेटे को कुत्ते पालने का था शौक

    कोठी के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि घर का निर्माण वर्ष 1994 के आसपास हुआ था। घर बनने के बाद परिवार रहने लगा तो इनके बेटे को कुत्ते पालने का शौक था। एक बार कुत्ते ने पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के जस्टिस को काट लिया और पुलिस कुत्तों और उस लड़के को लेकर चली गई। उस मामले के बाद घर वर्ष 2003 के आसपास बंद हुआ और उससे कभी-कभार ही बेटी, बाप और मां बाहर आते थे।

    ----

    "मामले की शिकायत मिलने के बाद विभिन्न विभागों से जांच चल रही है।  

                                                                                                   -रूपेश कुमार, एसडीएम साउथ