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    ली कार्बूजिए ने नहीं बनाया, अब प्रशासन ने बना दिया सेक्टर-13

    By JagranEdited By:
    Updated: Mon, 02 Dec 2019 11:18 PM (IST)

    क्रिएटर ली कार्बूजिए ने चंडीगढ़ डिजाइन करते समय सेक्टर-13 नहीं बनाया।

    ली कार्बूजिए ने नहीं बनाया, अब प्रशासन ने बना दिया सेक्टर-13

    बलवान करिवाल, चंडीगढ़ : क्रिएटर ली कार्बूजिए ने चंडीगढ़ डिजाइन करते समय सेक्टर-13 नहीं बनाया। इसका कारण यह था कि वह सेक्टर-13 को अशुभ नंबर मानते थे। बाद में हरियाणा ने भी पंचकूला में सेक्टर-13 नहीं बनाया। लेकिन यूटी प्रशासन ने अब इस धारणा को बदल दिया है। प्रशासन ने मनीमाजरा को सेक्टर-13 बना दिया है। इसका पब्लिक नोटिस जारी कर लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। सेक्टर-9डी यूटी सेक्रेटरिएट, डीलक्स बिल्डिंग में चीफ आर्किटेक्ट ऑफिस में लिखित तौर पर 16 दिसंबर तक सुझाव और शिकायत भेज सकते हैं। सुझाव और आपत्तियां देखने के बाद इसकी फाइनल नोटिफिकेशन जारी कर दी जाएगी। मनीमाजरा के लिए दो अलग-अलग प्रस्ताव प्रशासन ने फाइनल किए थे। जिसमें एक इसका नाम बदलकर सेक्टर-13 करने का था और दूसरा सेक्टर एम करने का। इन दोनों प्रस्ताव में से प्रशासन के अधिकारियों ने सेक्टर-13 के नाम को मंजूरी दी। प्रशासक की मंजूरी के बाद एडवाइजर मनोज परिदा के आदेश पर सोमवार को पब्लिक नोटिस जारी किया गया। इस पब्लिक नोटिस से कुल आठ जगहों के नाम बदले गए हैं। गुरुनानक देव के 550वें प्रकाशोत्सव पर तोहफा

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    मनीमाजरा के निवासी लंबे समय से इसे सेक्टर-13 बनाने की मांग कर रहे थे। आरडब्ल्यूए के प्रेसिडेंट रिटायर्ड कर्नल गुरसेवक सिंह ने प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को चिट्ठी लिखकर मनीमाजरा को सेक्टर-एम के बजाय सेक्टर-13 करने की मांग रखी थी। उन्होंने कहा था कि यह सेक्टरों की यूनिफॉर्मिटी के हिसाब से सही नहीं होगा। कर्नल गुरसेवक सिंह ने कहा कि गुरुनानक देव जी ने तेरा-तेरा का संदेश दिया था। इसलिए सेक्टर-13 करना गलत नहीं होगा। यह नए सेक्टर भी होंगे अब

    सेक्टर-12वेस्ट

    पीजीआइ और इसके साथ लगते संस्थानों के एरिया को भी सेक्टर में बांट दिया गया है। इस एरिया को साथ लगते सेक्टर-12की वजह से सेक्टर-12वेस्ट का नाम दिया गया है। इसमें सारंगपुर गांव का एरिया शामिल नहीं होगा। सेक्टर-14वेस्ट

    धनास और उसके आसपास एरिया को भी सेक्टर की पहचान मिल गई है। धनास का नाम बदलकर सेक्टर-14 वेस्ट किया जाएगा। इसमें धनास का पूरा एरिया जिसमें मिल्क कॉलोनी और रीहेबिलिटेशन कॉलोनी भी शामिल होगी। सेक्टर-39वेस्ट

    मलोया और डड्डूमाजरा को भी सेक्टर-39वेस्ट बनाने का फैसला लिया गया है। मलोया और डड्डूमाजरा के निवासी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। सेक्टर-39 एरिया साथ लगने के कारण इसे 39वेस्ट नाम दिया है। यह सेक्टर-56 वेस्ट

    विकास मार्ग के साथ में पॉकेट नंबर आठ के एरिया को भी नया नाम दिया गया है। अब यह सेक्टर-56 वेस्ट के नाम से जाना जाएगा। इससे पहले इस एरिया को किसी सेक्टर में नहीं डाला गया था। इंडस्ट्रियल एरिया अब बिजनेस एंड इंडस्ट्रियल पार्क

    इंडस्ट्रियल एरिया का नाम भी प्रशासन ने इस पब्लिक नोटिस के जरिये बदल दिया है। अब इसे इंडस्ट्रियल एरिया की जगह बिजनेस एंड इंडस्ट्रियल पार्क नाम दिया गया है। इंडस्ट्रियल एरिया में अब केवल इंडस्ट्री नहीं है। वहां होटल और माल खुल चुके हैं। इस वजह से इंडस्ट्रियलिस्ट्स लंबे समय से इसका नाम बदलने की मांग कर रहे थे। इसी मांग को देखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है। इसमें इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 का नाम बिजनेस एंड इंडस्ट्रियल पार्क-1, इंडस्ट्रियल एरिया फे•ा-2 का नाम बिजनेस एंड इंडस्ट्रियल पार्क-2 और इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 का नाम बिजनेस एंड इंडिस्ट्रियल पार्क-3 किया जाएगा। इसके लिए भी 16 दिसंबर तक का समय ऑब्जेक्शन सजेशन के लिए दिया है।