Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    चंडीगढ़ में एक मई को मनाया जाएगा मजदूर दिवस, शहर के आठ लेबर चौक पर होंगे कार्यक्रम

    By Ankesh ThakurEdited By:
    Updated: Sun, 25 Apr 2021 01:42 PM (IST)

    पहली मई को मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन मजदूर अपने हकों के लिए एक जगह एकत्र होंगे। शहर के अलग-अलग लेबर चौक पर कार्यक्रम आयोजित होंगे। कर्मचारी एकजुट होकर अपनी मांगों पर चर्चा करेंगे।

    Hero Image
    चंडीगढ़ में एक मई को मनाया जाएगा मजदूर दिवस (सांकेतिक चित्र)

    चंडीगढ़, जेएनएन। पहली मई को मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन मजदूर अपने हकों के लिए एक जगह एकत्र होंगे। शहर के अलग-अलग लेबर चौक पर कार्यक्रम आयोजित होंगे। कर्मचारी एकजुट होकर अपनी मांगों पर चर्चा करेंगे।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    ज्वाइंट एक्शन कमेटी ऑफ चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन एंड एमसी इंप्लाइज एंड वर्कर्स की कार्यकारणी की बैठक सुरमुख सिंह की अध्यक्षता में मनीमाजरा में हुई। इस मीटिंग में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि एक मई को मजदूर दिवस सब कार्यलय नगर निगम मनीमाजरा में मनाया जाएगा। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के कन्वीनर अश्वनी कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मजदूर दिवस एक मई को मजदूरों द्वारा की गई कड़ी मेहनत और कुर्बानी का सम्मान करने के साथ साथ श्रमिकों के अधिकारों के लिए लड़ने वालों को सम्मान देने के लिए श्रम दिवस मनाया जाता है। इस दिन को भारत सहित कई देशों में हर साल एक मई के दिन मनाया जाता है। बहुत संघर्षों के बाद श्रमिकों को उनके अधिकार दिए गए थे और काम के 8 घंटे निश्चित किए गए थे। इस दिन का उन के लिए विशेष महत्व था। अश्वनी कुमार ने कहा कि इस दिन लाल झंडा फहराया जाएगा और शहीद हुए श्रमिकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। बैठक को सुरमुख सिंह, राजा राम, नरिंदर कुमार, कुलदीप सिंह, हुकम चंद ,रविंदर बिंदु और नरिंदर चौधरी ने भी संबोधित किया।

    शहर में आठ से अधिक हैं लेबर चौक

    चंडीगढ़ में अलग-अलग जगहों पर लेबर चौक बने हैं। जहां रोजाना मजदूर एकत्र होते हैं। जिन्हें कार्य कराने के लिए लेबर की जरूरत होती है वह इन चौक से मजदूरों को ले जाते हैं। इन चौक पर दिन में हर समय मजदूर मिल जाते हैं। अपनी मांगों के लिए भी मजदूर इन चौक पर एकत्र होकर ताकत दिखाते रहे हैं। हालांकि कर्मचारी संगठन इनसे अलग यूनियन में कार्य करते हैं। वह अपनी मांगों के लिए प्रशासन के खिलाफ धरने प्रदर्शन करते हैं।