DA बकाया होने पर हाई कोर्ट सख्त, पंजाब के मुख्य सचिव के खिलाफ आपराधिक अवमानना का मामला संबंधित पीठ को भेजा
DA के बकाये पर हाई कोर्ट ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाए। अधिकारियों की अपील पर तेजी और कर्मचारियों ...और पढ़ें

ये AI जनरेटेड प्रतीकात्मक तस्वीर है।
HighLights
हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार के दोहरे रवैये पर सवाल उठाए।
मुख्य सचिव के खिलाफ आपराधिक अवमानना का मामला संबंधित पीठ को।
अपील की खामियां दूर न करने व गलत जानकारी पर नाराजगी।
दयानंद शर्मा,चंडीगढ़। पंजाब के सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) के बकाये से जुड़े मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को मुख्य सचिव केएपी सिन्हा अदालत में पेश हुए। कर्मचारियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय कौशल ने दलील दी कि महंगाई भत्ते के बकाये पर हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली पंजाब सरकार की अपील सुप्रीम कोर्ट में आज तक सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुई है।
इसके विपरीत, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जुड़े मामले में हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सरकार ने तत्काल अपील दायर कर दी और उस पर सुनवाई भी निर्धारित हो गई।
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सरकार का दोहरा रवैया
संजय कौशल ने अदालत में पंजाब सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ लाखों सरकारी कर्मचारी अपने महंगाई भत्ते के बकाये की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन उनके मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तक शुरू नहीं हुई। दूसरी तरफ, ईडी मामले में फंसे कुछ अधिकारियों को राहत दिलाने के लिए सरकार ने तेजी दिखाई। उन्होंने इसे सरकार का दोहरा रवैया बताते हुए कहा कि इससे उसकी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।
सरकार बोली, पिछली सरकारों का है बकाया
पंजाब सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह पेश हुए। उन्होंने दलील दी कि कर्मचारियों का बकाया मौजूदा सरकार के कार्यकाल का नहीं, बल्कि पिछली सरकारों से संबंधित है। हालांकि, हाई कोर्ट ने कहा कि मामले में फैसला सुनाने से पहले अदालत पूरे रिकॉर्ड का परीक्षण कर चुकी है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकार को उसके फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने का पूरा अधिकार है और उसे ऐसा करने से कोई नहीं रोक रहा। लेकिन अपील दायर करने के बाद अदालत को गलत जानकारी देना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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अपील की खामियां दूर नहीं करने पर भी सवाल
हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि सरकार ने फैसले के बाद जिस तरह से कार्रवाई की और सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील की खामियों को अब तक दूर नहीं किया, उस पर गंभीर सवाल हैं। अदालत ने यह भी कहा कि उसे गलत जानकारी दी गई, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसी कारण अवमानना का नोटिस जारी किया गया था।
विकास सिंह ने मुख्य सचिव की ओर से बिना शर्त माफी मांगी। इसके बावजूद हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आपराधिक अवमानना के मामले की सुनवाई निर्धारित रोस्टर के अनुसार संबंधित पीठ करेगी। अब इस मामले में सोमवार को सुनवाई होगी।
