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क्या LPU में सचमुच हुआ था दुष्कर्म? बवाल के बाद हाई कोर्ट ने पुलिस से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

Published: Thu, 01 Oct 2026 07:00 AM (IST)

फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में दुष्कर्म की अफवाह के बाद हुई हिंसा पर हाई कोर्ट ने पंजाब पुलिस से ...और पढ़ें

ये AI जनरेटेड प्रतीकात्मक तस्वीर है।

ये AI जनरेटेड प्रतीकात्मक तस्वीर है।

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने LPU हिंसा पर पंजाब पुलिस से रिपोर्ट मांगी।

  2. पुलिस को कथित दुष्कर्म की घटना की सच्चाई बतानी होगी।

  3. अफवाह फैलाने वाले रेडिट पोस्ट पर कार्रवाई की जानकारी दें।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में कथित दुष्कर्म की अफवाह के बाद हुई हिंसा और आगजनी के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब पुलिस से घटना की वास्तविकता स्पष्ट करने को कहा है। हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर यह बताने का निर्देश दिया है कि 26 सितंबर को इंटरनेट मीडिया मंच रेडिट पर जिस कथित दुष्कर्म की घटना की जानकारी प्रसारित हुई थी, वह वास्तव में हुई थी या नहीं।

चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की पीठ ने बुधवार को एलपीयू के छात्र रवि राज की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब पुलिस से कहा कि वह यह स्पष्ट करे कि विश्वविद्यालय परिसर में कथित दुष्कर्म की घटना हुई थी या नहीं। मामले की सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि इंटरनेट मीडिया पोस्ट अब परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं।

अदालत ने पुलिस को यह भी बताने को कहा कि घटना की सच्चाई का पता लगाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। अदालत ने कहा कि यदि जांच में ऐसी कोई घटना नहीं हुई पाई जाती है तो पुलिस यह भी बताएं कि अफवाह फैलाने वाले रेडिट पोस्ट को हटाने के लिए क्या कार्रवाई की गई।

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विवादित पोस्ट, जिसके बाद पूरा हंगामा हुआ और इसे डिलीट कर दिया गया।

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अगले सप्ताह होगी सुनवाई

मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी। रिपोर्ट पुलिस आयुक्त के हस्ताक्षर से दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।एलपीयू परिसर में 26 सितंबर की रात कथित दुष्कर्म की सूचना इंटरनेट मीडिया पर फैलने के बाद बड़ी संख्या में छात्र एकत्र हुए थे। इसके बाद विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। परिसर में तोड़फोड़, आगजनी और दुकानों में लूटपाट की घटनाएं सामने आईं।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा। विश्वविद्यालय ने 28 सितंबर से दस दिनों के लिए कक्षाएं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां स्थगित कर दी थीं।

पुलिस कर चुकी FIR दर्ज

पुलिस ने कथित दुष्कर्म के आरोपों की जांच के लिए मामला दर्ज किया है, लेकिन अभी तक यह निर्णायक रूप से स्थापित नहीं हुआ है कि ऐसी घटना वास्तव में हुई थी। पुलिस कथित घटना के साथ-साथ उस रेडिट पोस्ट के स्रोत की भी जांच कर रही है, जिसके बाद अफवाह तेजी से फैली थी। याचिकाकर्ता छात्र रवि राज ने परिसर में हुई हिंसा, आगजनी और लूटपाट की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की मांग की है।

याचिका में दलील दी कि पुलिस को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित दावे के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए थी। वहीं पंजाब सरकार ने अदालत को बताया कि पुलिस रेडिट से संपर्क कर पोस्ट के स्रोत का पता लगाने का प्रयास कर रही है। अदालत ने परिसर में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए राज्य सरकार को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं।

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