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सत्कार संशोधन एक्ट की आपत्तियां दूर करने में जुटी पंजाब सरकार, CM मान ने 7 सदस्यीय तालमेल कमेटी संग की बैठक

Published: Sun, 27 Sep 2026 04:53 PM (IST)

धार्मिक संशोधन अधिनियम की धाराओं पर उठी आपत्तियों को दूर करने के लिए उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। कानूनी विशेषज्ञों ...और पढ़ें

कमेटी सदस्यों से बैठक करते हुए सीएम भगवंत मान।

कमेटी सदस्यों से बैठक करते हुए सीएम भगवंत मान।

HighLights

  1. सरकार 'सत्कार संशोधन अधिनियम, 2026' की आपत्तियां दूर करने में जुटी।

  2. मुख्यमंत्री मान ने 7 सदस्यीय तालमेल कमेटी संग विस्तृत बैठक की।

  3. श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता सुनिश्चित करना मुख्य उद्देश्य।

रोहित कुमार, चंडीगढ़। ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ की कुछ धाराओं और प्रावधानों को लेकर उठी आपत्तियों के समाधान की दिशा में सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास पर एक्ट में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर सात सदस्यीय उच्चस्तरीय तालमेल कमेटी के साथ विस्तृत बैठक की।

बैठक में कानून की धाराओं पर सामने आई आपत्तियों, उनके कानूनी पहलुओं और आगे की प्रक्रिया पर चर्चा हुई। बैठक में श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह समेत कमेटी के अन्य सदस्यों ने एक्ट को लेकर अपने सुझाव दिए।

ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा कि एक्ट की कुछ धाराओं को लेकर जो आपत्तियां सामने आई हैं, उनका समाधान किया जाना जरूरी है। इसके लिए कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर सभी पहलुओं की गहन समीक्षा की जानी चाहिए, ताकि कानून के उद्देश्य को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके। 

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CM meeting with members

मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ कमेटी के सदस्य।

कानून में न रहे कोई कमी

कमेटी ने इस बात पर भी जोर दिया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता और मर्यादा से जुड़े इस कानून में किसी तरह की कानूनी कमी नहीं रहनी चाहिए। प्रस्तावित संशोधनों को संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप तैयार करने पर भी विचार किया गया।

सरकार की ओर से गठित सात सदस्यीय कमेटी में ज्ञानी रघबीर सिंह, दमदमी टकसाल के प्रमुख संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा, संत बाबा सेवा सिंह रामपुर खेड़ा, न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जसपाल सिंह, न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) गुरबीर सिंह, आईपीएस (सेवानिवृत्त) जतिंदर सिंह औलख और लॉ अफसर प्रीत इंदर पाल सिंह शामिल हैं।

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पवित्रता की रक्षा पर सरकार गंभीर

बैठक में श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा गठित पैनल से विचार-विमर्श कर एक्ट में जरूरी संशोधन करने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। कमेटी की ओर से कानून के विभिन्न प्रावधानों की समीक्षा कर सरकार को सुझाव दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा मजबूत और प्रभावी कानून तैयार करना है, जिससे श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता और मर्यादा की रक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित संशोधनों पर सभी कानूनी और प्रक्रियात्मक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ा जाएगा।

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