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पंजाब: 225 पावन स्वरूपों को कनाडा भेजने पर धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन, SGPC और अकाल तख्त से मांगा जवाब

Published: Thu, 24 Sep 2026 07:01 AM (IST)

श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 225 पावन स्वरूपों को कनाडा भेजने और धार्मिक मर्यादा के कथित उल्लंघन का मामला गरमा गया है।

पंजाब: 225 पावन स्वरूपों को कनाडा भेजने पर धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन (फाइल फोटो)

पंजाब: 225 पावन स्वरूपों को कनाडा भेजने पर धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन (फाइल फोटो)

HighLights

  1. 225 पावन स्वरूपों को कनाडा भेजने पर विवाद गहराया

  2. धार्मिक मर्यादा उल्लंघन को लेकर सिख जत्थेबंदियों ने सवाल उठाए

  3. एसजीपीसी और अकाल तख्त जत्थेदार से जवाबदेही की मांग की

जागरण संवाददाता, अमृतसर। श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 225 पावन स्वरूपों को कनाडा के सरी भेजने की प्रक्रिया और धार्मिक मर्यादा के कथित उल्लंघन का मामला फिर गरमा गया है।

225 पावन स्वरूपों को कनाडा भेजने पर

आवाज-ए-कौम, मिसल पंजाब और शिरोमणि अकाली दल अमृतसर सहित विभिन्न सिख जत्थेबंदियों ने इस मामले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) और श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से स्पष्टीकरण और जवाबदेही की मांग की है।

जत्थेबंदियों का कहना है कि लगातार मांग पत्र देने के बावजूद उन्हें कोई लिखित जवाब या स्पष्ट आदेश नहीं मिला। इसके चलते अब मामले को पंथ की कचहरी यानी संगत के सामने ले जाने और पंजाब भर में पोस्टर लगाने का एलान किया गया है।

कार्रवाई को लेकर धरना लगाया

उधर, कनाडा के सरी स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा के बाहर भी सिख संगत की ओर से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और जवाबदेही की मांग को लेकर धरना लगाया गया है।

आवाज-ए-कौम जत्थेबंदी के नेता हरजिंदर सिंह और नोबलजीत सिंह ने कहा कि पावन स्वरूपों को कंटेनरों या बसों से भेजे जाने के दौरान धार्मिक मर्यादा के उल्लंघन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यही नहीं, पावन स्वरूपों को पांच सिंहों की मौजूदगी के बिना भेजा गया, जो मर्यादा के विपरीत है।

वीडियो पर उठे सवाल 

सरे में पावन स्वरूपों को वाहनों की डिग्गी में ले जाने से संबंधित सामने आए वीडियो को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। जत्थेबंदियों ने मांग की है कि 225 पावन स्वरूपों की मांग करने वालों और गुरुघरों की पूरी सूची सार्वजनिक की जाए।

निजी जांच के हवाले से यह दावा भी किया गया है कि 225 में से छह पावन स्वरूप अमेरिका भेजे गए थे। जत्थेबंदियों ने इस दावे की भी जांच करवाने की मांग की है।