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गुलजार सिंह आत्महत्या मामला: हाई कोर्ट ने नहीं जारी किया नोटिस, सरकार से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

Published: Wed, 16 Sep 2026 01:13 PM (IST)

गुलजार सिंह आत्महत्या मामले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। हालांकि, अदालत ने आरोपी ...और पढ़ें

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने गुलजार सिंह आत्महत्या मामले में नोटिस जारी नहीं किया।

  2. राज्य सरकार से मामले की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई।

  3. अदालत ने मंत्री की सीधी संलिप्तता पर गंभीर सवाल उठाए।

दयानंद शर्मा, चंडीगढ़। पंजाब में नशे के गंभीर मुद्दे पर कैबिनेट मंत्री पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाने और उसके बाद मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाने वाले दलित व्यक्ति गुलजार सिंह की आत्महत्या के बहुचर्चित मामले में हाई कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट की मांग की है। अदालत ने इस संवेदनशील मामले की सुनवाई करते हुए फिलहाल किसी भी पक्ष को औपचारिक नोटिस जारी करने से इनकार कर दिया है।

हालांकि, मामले की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए राज्य सरकार से विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत किए गए तर्कों और आरोपों की विश्वसनीयता पर  सवाल खड़े किए।

अदालत ने याचिकाकर्ता से सवाल पूछते हुए जानना चाहा कि संबंधित मंत्री की घटना के समय उपस्थिति और मृतक की आत्महत्या के बीच सीधा व स्पष्ट संबंध स्थापित करने का क्या कानूनी आधार है?

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याचिकाकर्ता के दावों पर उठे सवाल

अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल किसी बैठक या कार्यक्रम में मौजूद रहने भर से किसी व्यक्ति को आत्महत्या जैसे गंभीर अपराध में सीधा आरोपी कैसे बनाया जा सकता है। अदालत का मानना था कि जब तक किसी व्यक्ति की प्रत्यक्ष संलिप्तता या उकसावे के पुख्ता प्रमाण न हों, तब तक किसी को सीधे कटघरे में खड़ा नहीं किया जा सकता।

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जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश

हाई कोर्ट ने मामले में पुलिस और संबंधित प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे अब तक हुई जांच की विस्तृत रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें। कोर्ट बिना किसी ठोस सबूत या कानूनी आधार के जल्दबाजी में कोई सख्त कदम उठाने के पक्ष में नहीं है। स्टेटस रिपोर्ट आने के बाद ही कोर्ट की आगे की कार्रवाई तय होगी।

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