जागरण संवाददाता, मोहाली :

निर्माण और इमारतों के गिराने के दौरान बने मलबे से लॉकिन पेवर और कर्व चैनल बनाने के लिए निगम ने अपनी मशीन लगाई है। यह मशीन बलौंगी गौशाला के पास लगाई गई है। मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने बुधवार को बलौंगी के पास पेवर व कर्व चैनल बनाने वाली मशीन के स्थान का दौरा किया जहां टाइलें बनाई जा रही हैं। इस दौरान डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी उपस्थित थे। मेयर ने कहा कि मलबे से टाइल बनाने की एक मशीन की कीमत 10 लाख रुपये है। उन्होंने कहा कि टिप्परों और जेसीबी मशीनों पर ढाई करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं। मेयर जीती सिद्धू ने कहा कि पांच में से तन टिप्पर स्वच्छता विभाग और 2 टिप्पर इंजीनियरिग विभाग को दिए जाएंगे। इसी प्रकार दो जेसीबी मशीन स्वच्छता विभाग को और एक जेसीबी मशीन इंजीनियरिग विभाग को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इन दोनों विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर को पहले नंबर पर लाने के लिए धन की कमी नहीं होगी। लेकिन साथ ही किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। शहर में साफ-सफाई के मामले में अधिकारियों को लगाया जाएगा। जीती सिद्धू ने मोहाली के लोगों से सहयोग करने और अपना मलबा इस मशीन की जगह पर फेंकने की अपील की। उन्होंने कहा कि मोहाली नगर निगम स्वच्छ सर्वेक्षण में मोहाली को पहले नंबर पर लाने का हर संभव प्रयास कर रहा है लेकिन यह मोहाली के लोगों के सहयोग के बिना संभव नहीं हो सकता। टाइल बनाने में 20 से 25 फीसदी मलबा होता है। मेयर ने कहा कि इन टाइल्स को बनाने में 25 फीसदी निर्माण और विध्वंस कचरे का इस्तेमाल होता है। उन्होंने कहा कि इससे इस कचरे से निजात मिल सकती है और साथ ही शहर को साफ-सुथरा रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत यहां एक मशीन लगाई गई है और टाइल बनाने का काम भी शुरू हो गया है।

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