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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 14, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एडवाइजर धर्मपाल की दो टूक, चंडीगढ़ के खिलाड़ियों को सम्मान के साथ दें स्कॉलरशिप व कैश अवार्ड

By Ankesh ThakurEdited By:
Published: Sat, 14 May 2022 11:58 AM (IST)

प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि अगर विभाग को यही पता नहीं कि उनके कौन कौन से खिलाड़ी नेशनल ...और पढ़ें

चंडीगढ़ के प्रशासक बीके पुरोहित के सलाहकार धर्म पाल।
चंडीगढ़ के प्रशासक बीके पुरोहित के सलाहकार धर्म पाल।

विकास शर्मा,चंडीगढ़। खिलाड़ियों को स्कॉलरशिप व कैश प्राइज देने में हो रही देरी को लेकर एडवाइजर धर्मपाल खासे नाराज दिखे। दो साल के अंतराल के बाद होने वाली यूटी स्पोर्ट्स काउंसिल की बैठक में एडवाइजर धर्मपाल ने इस मामले पर काउंसिल अधिकारियों के साथ चर्चा की और इस पूरी प्रक्रिया को सरल बनाने के दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सब सुधार प्रशासनिक स्तर पर किए जाने चाहिए। मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट सीधे डिपार्टमेंट को सौंपी जाए और खिलाड़ियों औपचारिकताओं को पूरा करने के नाम पर बार -बार बुलाने की बजाय एक बार में ही नकद कैश प्राइज दिए जाएं।

प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि अगर विभाग को यही पता नहीं कि उनके कौन कौन से खिलाड़ी नेशनल व इंटरनेशनल स्तर पर मेडल जीत रहे हैं, तो डिपार्टमेंट के कामकाज की समीक्षा की जानी चाहिए। खिलाड़ियों को नकद कैश प्राइज सम्मानपूर्वक मिलना चाहिए। यह उनका अधिकार है।

कोचों को भी मिले परफार्मेंस के आधार पर प्रोत्सहन राशि

एडवाइजर धर्मपाल ने डिपार्टमेंट में काम कर रहे कोचों के लिए भी बेहतर माहौल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोचों को उनकी परफार्मेंस के आधार पर प्रोत्सहन राशि दी जानी चाहिए। उनके कामकाज की समीक्षा खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर होनी चाहिए। अगर हम चाहते हैं कि हमारे शहर का एस्सीलेंस आफ स्पोर्ट्स सेंटर बेहतर हो तो हमें खिलाड़ियों व खेल के स्तर को सुधारना करना होगा। डिपार्टमेंट को पारदर्शी व दूर सोच रखनी होगी, अपने कामकाज में तेजी लानी होगी। हमें अपने कोचिंग देने के तरीकों को वैज्ञानिक बनाना होगा, ताकि खिलाड़ियों की परफार्मेंस बढ़ सके।

अभी तक नहीं मिले 2013 के कैश अवार्ड

यूटी स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट ने हाल ही में एक कमेटी गठित की गई थी, जोकि वर्ष 2013 से 2018 में  नेशनल व इंटरनेशनल स्तर पर मेडल जीतने वाले खिलाडि़यों को नकद कैश प्राइज देने के लिए उनकी योग्यता के पैमाने को देखेगी। बता दें इन खिलाड़ियों की संख्या कम ही है, लेकिन फिर भी इन खिलाड़ियों को अब तक सिर्फ इसलिए मेडल नहीं मिले क्योंकि अब वह चंडीगढ़ से नहीं खेलते हैं।  इसके अलावा हाल ही में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को नई स्पोर्ट्स पॉलिसी के तहत नकद कैश अवार्ड दिए जाने की जो घोषणा की गई थी,वह भी अभी तक नहीं दी गई है। इस मामले में अब तक कई दौर की मीटिंग्स आयोजित हो चुकी हैं।