चंडीगढ़, जेएनएन। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह बजट पीछले बजट की तुलना में अधिक चुनौती पूर्ण होगा। क्योंकि कोरोना वायरस ने दुनिया के साथ-साथ भारत की अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित किया। इससे जीडीपी दर को नीचे की धकेल दिया है।  

सभी की निगाहें इस बात पर टिकी होंगी कि वित मंत्री सीतारमण विशेष क्षेत्रों के लिए क्या उपाय, अनुदान और छूट की घोषणा करती हैं। ईबीएस इंडिया इंक की संस्थापक और बिजनेस कंसलटेंट छवि हेमंत का मानना है कि बजट में उपभोग को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। ऐसे अनुदान लाने चाहिए, जिससे खपत को बढ़ावा देने में मदद मिले।

भारतीय अर्थव्यवस्था में चौथा सबसे बड़ा क्षेत्र एफएमसीजी उद्योग को पटरी पर लाने के लिए वित मंत्री को बजट में खुदरा विक्रेता और निर्माता के बीच अधिक बिकने वाले स्थानों, ई-कॉमर्स, डायरेक्ट सेलिंग, प्रमोशन आदि उपाय करने चाहिए, जिससे उपभोक्ताओं और निर्मातों का विश्वास बढ़े।  

एल्टॉस एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अभिषेक गुप्ता ने कहा कि इस बार केंद्रीय बजट को दो केंद्रीय विषयों, आर्थिक विकास और सामाजिक तानेबाने के साथ बुना जाएगा। भारतीय व्यवसायों और नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक स्पष्ट जोर देने के लिए कदम उठाने चाहिए। विशेष रूप से डायरेक्टर सेलिंग सेक्टर के लिए, आम लोगों के कौशल विकास के लिए एक बजट आवंटन हो जिसमें प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए छूट मिले। इससे यह डायरेक्टर सेलिंग उद्योग को 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर तक ले जाए। एमएसएमई, ग्रामीण भारत के लिए एक प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा होनी चाहिए और महिलाओं के आयकर स्लैब अनुपात को कम करने और परिवार को चलाने के लिए अधिक नकदी मिल सके।

Edited By: Ankesh Kumar