जेएनएन, चंडीगढ़। छह राज्यों की पुलिस के संयुक्त अभियान में पकड़ा गया आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट  (अाइएस) का एजेंट गाजी बाबा जालंधर के बस्ती शेख में ढाई वर्षो से रह रहा था। वह हनी ट्रैप से फेसबुक के जरिए इस्लामिक स्टेट के जाल में फंसा और उससे जुड़ा था। गाजी बाबा के परिवार के अन्य सदस्य करीब 10 साल पहले से जालंधर व कपूरथला में रह कर कपड़े सिलने व गमले बनाने का काम कर रहे हैं।

गाजी बाबा ने जालंधर आने के बाद फेसबुक के जरिए खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के संपर्क में आया था। इसके बाद से लगातार वह फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया के जरिए इस्लामिक स्टेट के संपर्क में था। वीरवार को मुंबई, जालंधर, नरकटीगंज, बिजनौर व मुजफ्फरपुर में रह रहे इस्लामिक स्टेट के कथित आतंकियों के ठिकानों पर छह राज्यों की पुलिस ने संयुक्त कारवाई कर बड़ी सफलता हासिल की।

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उत्तर प्रदेश की एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्कवॉड) के उच्च आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मुंबई, जालंधर व बजनौर से पकड़े गए आतंकियों के संबंध में इस्लामिक स्टेट के साथ कई वर्षों से थे। संगठन से जुड़े छह सदस्यों से पूछताछ के बाद इसका खुलासा हुआ है।

दिल्ली पुलिस के इंटेलिजेंस सेल ने सबसे पहले यह जानकारी उत्तर प्रदेश एटीएस को दी। इसके बाद आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र एटीएस, पंजाब पुलिस के इंटीलिजेंस सेल, बिहार पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त कारवाई की रूपरेखा मंगलवार को तैयार की गई। सभी जगहों के चार-चार पुलिस अधिकारियों को संबंधित ठिकानों के लिए रवाना करके एक साथ वीरवार को सुबह कारवाई की गई।

गाजी बाबा यूपी के उन्नाव से ढाई साल पहले जालंधर आया था। गाजी बाबा का पिता, चाचा व परिवार के करीब 12 सदस्य 10 साल पहले जालंधर व कपूरथला में आकर कपड़े सिलने व गमले बनाने का काम कर रहे थे।  तीन साल पहले जह गाजी बाबा जालंधर आया, तो पहले वह भुलत्थ में रह रहे अपने पिता के पास गया, लेकिन  उसने जालंधर में अपना ठिकाना बना लिया।

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उसके पिता भुलत्थ में गमले बनाने का काम करते हैं। जालंधर आने के बाद वह अपने रिश्तेदार के जरिए एक बुटीक में काम करने लगा और बस्ती शेख में रहने का ठिकाना बनाया। इसके बाद वह फेसबुक के जरिए इस्लामिक स्टेट के साथ सीधे संपर्क में आया। अभी इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि गाजी बाबा ने इस्लामिक स्टेट को मेल भी की हैं या नहीं।

फेसबुक पर चैटिंग के जरिये बना आतंकी संगठन से संपर्क

गाजी बाबा के साथ फेसबुक पर पहले सुंदर लड़कियों की फोटो लगी आइडी के जरिए इस्लामिक स्टेट के सदस्य चैट करते थे। इसके बाद मैसेंजर के जरिए उसकी बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा और कुछ ही समय में गाजी बाबा के सामने इस्लामिक स्टेट की तस्वीर स्पष्ट हो गई और आतंकी मॉड्यूल को लेकर उसकी ट्रेनिंग शुरू की गई। धीरे-धीरे गाजी बाबा इस्लामिक स्टेट के जाल में फंसता गया और एक्टिव सदस्य बन गया।

इंटेलिजेंस के अनुसार गाजी बाबा ने फेसबुक पर एक फर्जी आइडी भी बनाई, जिसके और गुप्त संदेशों का आदान प्रदान उसी के जरिए होता था। उसने आइएस को भी मेल भेजे हैं या नहीं इसकी जांच हो रही है।

पासपोर्ट बनवाने की तैयारी कर रहा था

गाजी बाबा ने राशन कार्ड बनवाने के बाद जालंधर के पते पर ही पासपोर्ट भी बनवाने की तैयारी में था। उसे इसी साल इस्लामिक स्टेट के स्लीपर सेल ट्रेनिंग के लिए विदेश भेजने की तैयारी में थे। इसीलिए उसे पासपोर्ट बनवाने को कहा गया था। पासपोर्ट बनवाने के लिए संबंधित सरकारी दस्तावेजों को पूरा करने की हिदायतें उसे फेसबुक पर दी गई थी कि किस प्रकार से पासपोर्ट कहां-कहां से बन सकते हैं।

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'' गाजी बाबा ढाई वर्षो से जालंधर में रह रहा था। उसे पंजाब में आतंकी संगठन द्वारा इस्तेमाल करना था या कहीं और इस बारे में पूछताछ के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

                                                                                     - दिनकर गुप्ता, एडीजीपी इंटेलिजेंस पंजाब।

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''गाजी बाबा गरीब परिवार से संबंध रखता है। अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है कि उसके संबंध आतंकी संगठन के साथ किस स्तर तक पहुंच चुके थे। परिवार के तमाम सदस्य जालंधर व कपूरथला में रहते हैं।

                                                                                       - पीके सिन्हा, पुलिस कमिश्नर जालंधर।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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