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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chandigarh News: पराली न जलाने वाले किसानों को पंजाब विधान सभा में किया जायेगा सम्मानित, सूची हुई तैयार

By Rohit KumarEdited By: Shoyeb Ahmed
Published: Sun, 19 Nov 2023 09:16 PM (IST)

धान की पराली और फसली अवशेष को खेतों में न जलाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य के साथ पंजाब ...और पढ़ें

पराली न जलाने वाले किसानों को पंजाब विधान सभा में किया जायेगा सम्मानित (फाइल फोटो)
पराली न जलाने वाले किसानों को पंजाब विधान सभा में किया जायेगा सम्मानित (फाइल फोटो)

HighLights

  1. राज्य के सभी ऐसे किसानों को पंजाब विधान सभा में किया जाएगा सम्मानित
  2. पिछले साल भी बड़ी संख्या में किसानों का दिया गया था सम्मान

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। राज्य के किसानों को धान की पराली और फसली अवशेष को खेतों में न जलाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य के साथ ऐसे किसानों का पंजाब विधान सभा में सम्मान किया जायेगा। बड़े लोक हितों और वातावरण के उचित संरक्षण के मद्देनजर इस बुरी प्रथा से किनारा किया है।

विधान सभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने बताया कि राज्य सरकार ऐसे बुद्धिमान किसानों की तरह से पराली को आग लगाने से पैदा होने वाले हवा और अन्य प्रदूषण को रोकने के लिए डाले इस कीमती योगदान के लिए भरपूर सराहना करती है।

सरकार ने किसानों को सम्मानित करने का लिया फैसला 

उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी जिलों में इन किसानों का सम्मान करने का फैसला किया है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को ऐसे किसानों की सूची तैयार करने के लिए कहा जिससे उनका विशेष मान-सम्मान किया जा सके।

संधवां ने कहा कि पराली को आग न लगाने वाले किसानों को सम्मानित करने के लिए कृषि और अन्य सम्बन्धित विभागों के सहयोग से राज्य भर में विशेष प्रोग्राम करवाए जाएंगे और इसके साथ-साथ विधान सभा में भी उनका सम्मान किया जायेगा।

पिछले वर्ष भी किसानों को किया गया था सम्मानित

स्पीकर ने बताया कि पिछले साल भी पंजाब विधान सभा में बड़ी संख्या में किसानों का सम्मान किया गया था। संधवां ने कहा कि जो किसान फसलों के अवशेष को आग नहीं लगाते। वह वातावरण को अलग- अलग तरह के प्रदूषण से सेहत को खतरनाक बीमारियों से बचाने और धरती की उपजाऊ शक्ति बरकरार रखने में रचनात्मक योगदान डाल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में सेहतमंद वातावरण को यकीनी बनाने के मद्देनज़र पराली को आग लगाने की इस विनाशकारी और वातावरण विरोधी रिवायत को त्यागने का समय आ गया है।

किसान खेतों में न लगाएं आग

संधवां ने किसानों को न्योता दिया कि वे अपने गावों के कोने-कोने तक खेतों में आग न लगाने के संदेश दें, जिससे दूसरों को भी उनकी इस वातावरण-अनुकूल अमल से सीख मिल सके। जो न सिर्फ वातावरण बल्कि जमीन की उपजाऊ शक्ति के साथ-साथ मानवीय सेहत के लिए भी बहुत लाभदायक होगा।

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स्पीकर ने किसानों से पौधे लगाने की अपील की

स्पीकर ने राज्य के किसानों को क्षेत्रों में अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील भी की जिससे साफ़- सुथरा, हरा भरा और प्रदूषण रहित वातावरण यकीनी बनाया जा सके।

उन्होंने किसानों को आधुनिक तकनीक वाली मशीनों की मदद के साथ गेहूँ की फसल की बुवाई करने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कृषि अधिकारी पंजाब भर में इन मशीनों के बारे किसानों को अवगत करवा रहे हैं और उनकी मदद कर रहे हैं।

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