जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। सड़क हादसे में मारे गए 25 साल के युवक के परिवार को आखिरकार 3 साल बाद न्याय मिला है। मृतक अजय सैणी की मौत के बाद इंश्योरेंस कंपनी ने उसके घर वालों को डेथ क्लेम देने से मना कर दिया था। बीमा कंपनी ने क्लेम देने से इसलिए मना कर दिया था कि हादसे में गलती अजय की थी। उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था। जीरकपुर में हुए इस हादसे में एक ट्रैक्टर चालक ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी थी, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। 

मृतक अजय के अभिभावकों ने आरोपित ट्रैक्टर चालक और इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल में केस दायर किया था। परिवार ने ट्रिब्यूनल को बताया था अजय परिवार उम्र महज 25 साल थी और उस पर परिवार की पूरी जिम्मेदारी थी। शिकायत पर सुनवाई करते हुए मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने आदेश दिए कि मृतक अजय सैणी के परिवार को 18 लाख 74 हजार 192 रुपये मुआवजा दिया जाए।

मृतक अजय आइटीआइ होल्डर था और चंडीगढ़ में एक प्राइवेट कंपनी में बतौर इंजीनियर ट्रेनी था। उसकी कंपनी की ओर से भी उसे प्रमोट करने पर विचार विमर्श किया जा रहा था। यहां गौर करने वाली बात यह है कि अजय के जैसे न जाने कितने ही केस मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल में लंबित पड़े है जिन पर कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है। मृतक के अभिभावकों ने अपनी शिकायत में यह भी बताया था कि अजय की महीने की सेलरी 8 हजार रुपये थी। उसका आने वाला भविष्य बेहतर हो सकता था, लेकिन ट्रैक्टर चालक की लापरवाही से उसकी जान चली गई।

रांग साइड आ रहे ट्रैक्टर ने मारी थी टक्कर

29 मार्च 2019 को अजय सैणी अपनी बाइक से चंडीगढ़ से डेराबस्सी जा रहा था। रात करीब 8 बजे जीरकपुर में नुक्कड़ ढाबा के पास रॉन्ग साइड से आ रहे ट्रैक्टर ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। ट्रैक्टर को गांव रसूलपुर, रोपड़ का रहने वाला हिम्मत सिंह चला रहा था। ट्रैक्टर की टक्कर के बाद अजय गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। उसे इलाज के लिए जीएमसीएच-32 में भर्ती करवाया गया। वहां से उसे एक प्राइवेट अस्पताल मोहाली रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान अजय की मौत हो गई थी।

Edited By: Ankesh Thakur