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पंजाब में दोआबा के 150 हॉटस्पॉट चयनित, नशा मुक्ति मोर्चा अब संभालेगा कमान; पुलिस के साथ मिलकर रखेंगे पैनी नजर

Published: Thu, 22 Oct 2026 01:33 PM (IST)

पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत दोआबा के 150 हॉटस्पॉट पर नशा मुक्ति मोर्चा तैनात किया गया है, जो पुलिस के साथ मिलकर निगरानी करेगा।

ये AI जनरेटेड प्रतीकात्मक तस्वीर है।

ये AI जनरेटेड प्रतीकात्मक तस्वीर है।

HighLights

  1. दोआबा के 150 हॉटस्पॉट पर निगरानी बढ़ाई गई।

  2. नशा मुक्ति मोर्चा पुलिस के साथ मिलकर करेगा काम।

  3. स्थानीय समस्याओं की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई होगी।

रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहे ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के अंतिम चरण में सरकार ने दोआबा क्षेत्र के 150 चिह्नित हॉटस्पॉट पर निगरानी बढ़ा दी है। नशा मुक्ति मोर्चा के सदस्य इन संवेदनशील स्थानों पर पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करेंगे। इसका उद्देश्य नशे से संबंधित गतिविधियों पर नजर रखना, स्थानीय समस्याओं की पहचान करना और पुलिस कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाना है।

जालंधर, कपूरथला, नवांशहर और होशियारपुर जिलों में यह पहल शुरू की गई है। संबंधित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) के साथ बैठकें करने के बाद नशा मुक्ति मोर्चा के सदस्यों को चिह्नित हॉटस्पॉट पर पुलिस के साथ तैनात किया गया है। इस व्यवस्था के तहत पुलिस अधिकारियों और सामुदायिक प्रतिनिधियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

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एसपी, डीएसपी और एसएचओ के साथ करेंगे काम

नशा मुक्ति मोर्चा के दोआबा प्रभारी अतिन अग्निहोत्री सदस्यों की तैनाती और समन्वय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। मोर्चा के सदस्य संबंधित एसपी, डीएसपी और थाना प्रभारियों (एसएचओ) के साथ मिलकर चिह्नित स्थानों का दौरा करेंगे। इस दौरान इन इलाकों की स्थिति का आकलन करने, स्थानीय लोगों की समस्याएं समझने और जिन स्थानों पर विशेष निगरानी की जरूरत है, उनकी पहचान करने पर ध्यान दिया जाएगा।

सरकार की इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नशे से प्रभावित कोई भी क्षेत्र प्रशासन की निगरानी से बाहर न रहे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से लेकर थाना स्तर तक समन्वय स्थापित कर स्थानीय समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

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बैठकों से आगे बढ़कर जमीन पर निगरानी

इस पहल के तहत नशे के खिलाफ कार्रवाई को केवल समीक्षा बैठकों तक सीमित रखने के बजाय संवेदनशील इलाकों में सक्रिय निगरानी पर जोर दिया जा रहा है। नशा मुक्ति मोर्चा के सदस्य स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं और नशे से संबंधित गतिविधियों की जानकारी पुलिस के साथ साझा करेंगे। इससे अधिकारियों को संबंधित क्षेत्रों में कार्रवाई की प्राथमिकताएं तय करने में मदद मिलेगी।

अभियान में जनभागीदारी को भी अहम माना जा रहा है। सामुदायिक प्रतिनिधियों के माध्यम से स्थानीय लोगों की समस्याओं को पुलिस और प्रशासन तक पहुंचाने तथा नशे के खिलाफ लोगों को एकजुट करने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल से नशे से प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी मजबूत करने पर जोर है।

भगवंत मान सरकार के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान का लक्ष्य नशा तस्करी पर रोक लगाना, नशीले पदार्थों की उपलब्धता कम करना और नशामुक्त पंजाब के लक्ष्य को आगे बढ़ाना है। दोआबा के चार जिलों में 150 हॉटस्पॉट पर मोर्चा सदस्यों की तैनाती के बाद अब जोर समन्वय के जरिए लगातार कार्रवाई सुनिश्चित करने पर रहेगा।

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