जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ की खूबसूरती का अहम हिस्सा मानी जाने वाली सुखना लेक से ही सैकड़ों लोगों की सुबह शुरू होती है। शाम को भी सैर करने बड़ी संख्या में स्थानीय रेजिडेंट्स और टूरिस्ट पहुंचते हैं। लेकिन इन दिनों लेक में जगह-जगह मरी हुई मछलियां तैरती दिखने लगी हैं। कई दिनों से पड़ी होने की वजह से अब इनमें बदबू बुरी तरह से फैलने लगी है। अब दुर्गंध इस कद उठने लगी है कि इनके पास से ट्रैक पर गुजरने पर नाक सिकोड़ने को मजबूर होना पड़ रहा है।

लेक के व्यू प्वाइंट के पास सीढ़ियों पर नीचे उतरते हैं तो एक मिनट भी खड़े होना मुश्किल है। पहले यहां रोजाना पर्यटक बैठे होते थे। मछलियों के मरने की अभी सही वजह पता नहीं चल पाई है। सुखना पुलिस चौकी में तैनात पुलिस कर्मियों ने इनकी सूचना फॉरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट को दे दी गई है। एनिमल हस्बेंड्री डिपार्टमेंट अब इन मछलियों के सैंपल एकत्रित कर सकता है, जिससे इनके मरने की वजह पता लगाई जाएगी। हालांकि अधिकारी यह बता रहे हैं कि बरसात के दिनों में इस तरह से मछलियां मर जाती हैं। सुखना लेक में कैचमेंट एरिया से ही पानी पहुंच रहा है। पानी के तेज बहाव और ऑक्सीजन की मात्रा कम होना भी मछलियां मरने की वजह हो सकती है। हर साल इस तरह से मॉनसून सीजन में मछलियां लेक में मर जाती हैं। कई बार कछुए भी मरे पाए गए हैं।

लेक का जलस्तर बढ़ा

सुखना लेक एक बार फिर जलमग्न हो गई है। लगातार दूसरे साल ऐसी पूरी संभावना बन रही है। जब लेक के फ्लड गेट खुल सकते हैं। लेक का जलस्तर बढ़कर 1161.7 फिट तक पहुंच गया है। लेक में अभी भी सुखना कैचमेंट एरिया से बरसाती पानी आ रहा है। शिवालिक की पहाड़ियों में बरसात ज्यादा हो रही है। ऐसे ही पानी बढ़ता रहा तो अगली तेज बरसात होते ही फ्लड गेट खुलेंगे। 1163 फिट पर पानी जैसे ही पहुंचता है तो फ्लड गेट खोलना जरूरी हो जाता है। अब इस प्वाइंट से केवल 1.3 फिट जलस्तर कम है। अब इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की टीम अलर्ट पर है। रोजाना जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।

Edited By: Ankesh Thakur