पंजाब को बदनाम करने की साजिश! मुंद्रा पोर्ट से आ रही खेप, भाजपा की नशा विरोधी रैली से पहले CM मान का पलटवार
विपक्ष की यात्रा से पहले मुख्यमंत्री ने नशे के मुद्दे पर पलटवार करते हुए मुंद्रा पोर्ट का हवाला दिया। पुलिस ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री भगवंत मान।
HighLights
सीएम मान ने मुंद्रा पोर्ट से ड्रग्स की बड़ी खेप पर सवाल उठाए।
पंजाब पुलिस ने 1,234 गैंगस्टर, 92 आतंकी मॉड्यूल ध्वस्त किए।
'युद्ध नशे विरुद्ध' में 3,803 किलो हेरोइन जब्त, 80 हजार गिरफ्तार।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। भाजपा की नशा विरोधी रैली से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशे के मुद्दे पर भाजपा पर बड़ा पलटवार किया है। उन्होंने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान सीमा से पंजाब में हेरोइन के एक-दो, पांच या 10 किलो के पैकेट पकड़े जा रहे हैं, जबकि गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से तीन-तीन हजार किलो की खेप पकड़ी जा रही है।
मान ने कहा कि एक तरफ पंजाब को नशे के लिए बदनाम किया जा रहा है और दूसरी तरफ दूसरे राज्यों से बड़ी खेपें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा को 18 सितंबर से नशे के खिलाफ यात्रा निकालने से पहले मुंद्रा पोर्ट संभालना चाहिए। गुजरात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का गृह राज्य है। पंजाब पुलिस इनपुट मिलने पर गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान तक जाकर नशे की खेप पकड़ रही है।
ऐसे में केवल पंजाब को बदनाम करने से समस्या हल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि देश में एनडीपीएस मामलों में बरामद होने वाले नशे में पंजाब का करीब 60 प्रतिशत योगदान है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पूरा नशा पंजाब से आता है। सप्लाई के स्रोत और दूसरे राज्यों से आने वाली खेपों पर भी कार्रवाई जरूरी है।
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पंजाब को अस्थिर करने की साजिशों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब शांतिप्रिय राज्य है और देश के लिए अन्न पैदा करने वालों से लेकर सीमाओं पर तैनात जवानों तक इसका योगदान बड़ा है। पाकिस्तान के साथ पंजाब की 533 किलोमीटर सीमा है और सीमा पार से पंजाब को अस्थिर करने की कोशिशें होती रहती हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब भारत का गेटवे और देश का दिल है। यदि पंजाब को अस्थिर किया जाएगा तो इसका असर पूरे देश पर पड़ेगा।
मान ने कहा कि पंजाब पुलिस केवल राज्य की पुलिस नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। करीब 40 प्रतिशत पंजाब पुलिस बीएसएफ के साथ मिलकर सीमा पर काम कर रही है। ड्रोन या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर सेना और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय किया जाता है। गृह मंत्रालय, आइबी और देश की अन्य एजेंसियों के साथ पंजाब पुलिस लगातार संपर्क में है।
कांग्रेस शिअद पर गैंगस्टरों के मुद्दे पर हमला
कांग्रेस शिअद के गैंगस्टरों को लेकर सरकार पर हमले पर मान ने कहा कि उन्हें ऐसी बातें सुनकर हंसी आती है। उन्होंने कांग्रेस और अकाली दल के शासनकाल को पंजाब के उस दौर से जोड़ा जब लोग शाम चार बजे ही दरवाजे बंद कर लेते थे। उन्होंने कहा कि उस समय बारातें निकलना बंद हो गई थीं और लोगों को यह तक पता नहीं होता था कि घर से निकला व्यक्ति वापस आएगा या नहीं।
मान ने विपक्ष से उस दौर को दोबारा लाने वाली राजनीति नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर छोटी घटना पर धरना, प्रदर्शन और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करने के बजाय विपक्ष पंजाब का रोडमैप और प्रदेश की तस्वीर बदलने की योजना लेकर आए। उन्होंने ऐसी राजनीति को ‘गिद्ध राजनीति’ करार देते हुए कहा कि जहां थोड़ी सी लाश की बू आती है, वहां सभी पहुंच जाते हैं।
संगठित अपराध पर 1,234 गैंगस्टर गिरफ्तार
डीजीपी गौरव यादव ने सरकार की कार्रवाई का ब्यौरा देते हुए बताया कि मार्च 2022 के बाद संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई में 1,234 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया गया और 12 गैंगस्टर मॉड्यूल ध्वस्त किए गए। इस दौरान 428 हथियार और 719 वाहन बरामद किए गए।
डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश स्पष्ट हैं कि अपराध करके कोई व्यक्ति देश के भीतर या विदेश में कहीं भी छिपे, पंजाब पुलिस उसे पकड़कर लाएगी। इसी के तहत महाराष्ट्र, कर्नाटक, नागालैंड और पूर्वोत्तर राज्यों में अंतरराज्यीय कार्रवाई की गई। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड, बाबा सिद्दीकी हत्याकांड, राणा बलाचौरिया हत्याकांड और अमृतसर में सरपंच की हत्या जैसे मामलों में आरोपितों को गिरफ्तार किया गया तथा संबंधित खातों को फ्रीज किया गया।
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विदेश भागे अपराधियों पर ओएफटीसी का नेटवर्क
विदेश भागे अपराधियों को वापस लाने के सवाल पर डीजीपी ने बताया कि जनवरी 2026 में ओएफटीसी का गठन किया गया। विदेश में छिपे अपराधियों के खिलाफ पहले रेड कार्नर नोटिस के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार किए जाते हैं। इसके बाद इंटेलिजेंस इनपुट जुटाकर केंद्रीय एजेंसियों से समन्वय किया जाता है और संबंधित देश की एजेंसियों के साथ कार्रवाई आगे बढ़ाई जाती है।
डीजीपी ने कहा कि यह बेहद लंबी और गोपनीय प्रक्रिया होती है। यदि यह जानकारी लीक हो जाए कि पुलिस किसी अपराधी तक पहुंच गई है तो वह अपना ठिकाना बदल सकता है। इसलिए कई स्तर पर काम होने के बाद सफलता मिलती है। इस वर्ष अब तक विदेश से 10 भगोड़ों को वापस लाया गया है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद, गृह मंत्रालय की कानून-व्यवस्था से संबंधित बैठकों और प्रधानमंत्री की राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठकों में भी विदेश में छिपे अपराधियों को वापस लाने का मुद्दा पंजाब की ओर से लगातार उठाया जाता है।
लारेंस बिश्नोई पर डीजीपी बोले- जांच जारी
लारेंस बिश्नोई से जुड़े सवाल पर डीजीपी ने कहा कि यह महत्वपूर्ण पहलू है और इसकी गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस के पास सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी डाटा मौजूद है तथा फायरिंग करने वालों तक पहुंचने में काफी प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि जल्द पूरे मामले की पृष्ठभूमि सामने रखी जाएगी, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी विशेष पहलू पर टिप्पणी नहीं की जा सकती।
डीजीपी ने गृह मंत्रालय के स्तर पर जारी निर्देशों का भी जिक्र किया कि यदि किसी व्यक्ति से पूछताछ करनी है तो संबंधित एजेंसी पंजाब आए और निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूछताछ करे। उन्होंने कहा कि जांच के इस पहलू पर फिलहाल टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
आतंकवाद के मोर्चे पर 92 मॉड्यूल ध्वस्त
डीजीपी ने बताया कि पंजाब पुलिस ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में 92 टेरर मॉड्यूल ध्वस्त किए और 86 आरोपितों को गिरफ्तार किया। रिपोर्ट किए गए 48 आतंकी मामलों को सुलझाया गया। हाल में हुए ग्रेनेड लाबिंग मामले में भी आरोपितों को गिरफ्तार करने की बात कही गई। पुलिस ने 54 एके-47 राइफल, करीब 600 रिवाल्वर व पिस्तौल, 38 आइईडी, 28.8 किलो आरडीएक्स, छह आरपीजी और 952 ड्रोन बरामद किए हैं।
हथियारों पर केंद्र से मिलकर कार्रवाई की अपील
मान ने हथियारों की बरामदगी के मुद्दे पर केंद्र और राज्य के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बजाय समन्वय की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि बीएसएफ केंद्र के अधीन है और सीमा पर तैनात है। एके-47 जैसी राइफलें अपने आप पंजाब तक नहीं पहुंच सकतीं। उन्होंने सवाल उठाया कि ये हथियार किस रास्ते से पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हथियार पंजाब आएं या मध्य प्रदेश अथवा किसी अन्य राज्य में पहुंचें, वे देश के लिए खतरा हैं। इसलिए यह देखने की जरूरत है कि हथियारों की सप्लाई कहां से हो रही है और उन्हें सीमा पार पहुंचने से पहले ही रोका जाए।
नशे के खिलाफ 60,582 एफआइआर, 80 हजार गिरफ्तार
डीजीपी ने बताया कि एक मार्च 2025 से पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत अब तक 60,582 एफआइआर दर्ज की गईं और करीब 80 हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 708 बड़े नशा तस्कर शामिल हैं, जिनसे दो किलो से अधिक हेरोइन बरामद हुई।
कुल 3,803 किलो हेरोइन बरामद हुई, जो डीजीपी के अनुसार देश में हुई कुल हेरोइन बरामदगी का करीब 60 प्रतिशत है। इसके अलावा 78 लाख टैबलेट व कैप्सूल, 46 टन पोपी हस्क और 976 किलो अफीम बरामद की गई।
नशे के वित्तीय नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 के तहत देश में हुई प्रापर्टी फ्रीजिंग का करीब 62 प्रतिशत पंजाब में हुआ। वित्त मंत्रालय की सक्षम अथारिटी ने 914 प्रस्ताव मंजूर किए और 306 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई। 102 हवाला आपरेटर गिरफ्तार हुए और 11 करोड़ रुपये की हवाला राशि बरामद की गई।
एनडीपीएस मामलों में पंजाब की कन्विक्शन रेट 89 प्रतिशत बताई गई। एक मार्च 2025 के बाद 13,403 मामलों में अदालतों ने फैसला सुनाया, जिनमें 11,981 मामलों में सजा हुई।
AI डेटाबेस से चार लाख आरोपित गिरफ्तार
डीजीपी ने बताया कि पंजाब देश का पहला राज्य था जिसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अपराध डाटाबेस तैयार किया। इसमें अब तक 4.60 करोड़ सर्च किए जा चुके हैं और करीब चार लाख आरोपितों को इस डाटाबेस की मदद से गिरफ्तार किया गया।
नशे के खिलाफ आम लोगों को जोड़ने के लिए सेफ पंजाब हेल्पलाइन और विलेज डिफेंस कमेटियों को सक्रिय किया गया है। करीब 16 हजार कमेटियों में डेढ़ लाख लोग जुड़े हैं। हेल्पलाइन पर आने वाली सूचनाओं में करीब 40 प्रतिशत को एफआइआर में बदला जा रहा है।
एजीटीएफ हेल्पलाइन और इनाम नीति
अप्रैल 2022 में एजीटीएफ का गठन किया गया था। डीजीपी ने बताया कि एजीटीएफ हेल्पलाइन पर बड़ी संख्या में गुमनाम सूचनाएं मिल रही हैं। 28 गैंगस्टरों पर 10 लाख रुपये तक का इनाम घोषित है।
सरकार की इनाम नीति के तहत अब तक पुलिस अधिकारियों और नागरिकों समेत 2,362 लोगों को 3.33 करोड़ रुपये का इनाम दिया जा चुका है। ड्रोन की सूचना देकर उसकी बरामदगी कराने वाले को 25 हजार रुपये का नकद इनाम दिया जाता है। इनाम देने की प्रक्रिया केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार पारदर्शी तरीके से की जा रही है।
हैदराबाद में पंजाब मॉडल की चर्चा
डीजीपी ने बताया कि हाल में हैदराबाद स्थित नेशनल पुलिस अकादमी में देशभर के आइजी, एडीजी और डीआइजी स्तर के अधिकारियों के सामने पंजाब के ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान की रणनीति और परिणामों की जानकारी दी गई। पंजाब के एनडीटीएफ मॉडल को दूसरे राज्य भी अध्ययन कर रहे हैं, ताकि ड्रग तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई का मॉडल अपने यहां लागू कर सकें।
डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस का लक्ष्य केवल नशा पकड़ना नहीं, बल्कि उसके पूरे नेटवर्क और वित्तीय आधार को खत्म करना है। मुख्यमंत्री ने भी कहा कि पंजाब को नशामुक्त और शांतिपूर्ण राज्य बनाने में सरकार की ओर से कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
