जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब की राजनीति पर काफी समय तक बादल परिवार का दबदबा रहा है और इस दौरान शिरोमणि अकाली दल के नेताओं में बादल परिवार का करीबी बनने की होड़ लगी रहती थी। लेकिन, पंजाब की बदलती सियासत में यह तस्‍वीर भी बदल गई है। कभी बादल परिवार के करीबी रहे नेता एक के बाद एक किनारा कर रहे हैं। बीबी जगीर कौर के बाद बादल परिवार के एक और करीबी ने अपनी अलग राह के संकेत दिए हैं। 

प्रकाश सिंह बादल के मीडिया सलाहकार हरचरण सिंह बैंस की पोस्‍ट से सियासत गर्माई

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वयोवृद्ध प्रकाश सिंह बादल के पिछले तीन दशकों से मीडिया और सियासी मामलों के सलाहकार हरचरण बैंस के फेसबुक पोस्ट ने राज्‍य की सियासत में चर्चाएं छिड़ी हुई हैं। बैंस ने हालांकि बाद में  अपनी इस पोस्ट पर स्पष्टीकरण भी दिया है लेकिन सियासी हलकों में कल के इस घटनाक्रम पर आज भी माहौल गर्माया हुआ है। कल से ही इंटरनेट मीडिया में भी लोग उनकी इस पोस्ट पर जमकर अपने कमेंट कर रहे हैं।  बैंस  प्रकाश सिंह बादल के खास लोगों में माने जाते रहे हैं।  

पोस्‍ट में हरचरण बैंस ने लिखा 'सारी उम्र एक व्यक्ति का हथठोका बनकर उसके हर सही-गलत काम को जायज ठहराने की बिना वेतन नौकरी-गुलामी, आज तक तो मेरी जिंदगी की आत्म कहानी इतनी ही है। अब इस जालिम से आजादी की इच्छा है।'

बैंस की पाेस्‍ट का लोग अपने हिसाब से निकाल रहे मतलब

हरचरण बैंस की इस पोस्ट के आशय को लेकर लोगों की अपनी-अपनी कयासबाजी व सोच सामने आ रही है। वैसे, ज्यादातर लोगों ने बैंस के पोस्‍ट को बादल परिवार से दूरी बनाना माना है और इसको सही ठहरा रहे हैं। सौ से ज्यादा आए कमेंट में लोगों ने कहा कि उन्होंने यह सही फैसला लिया लेकिन देरी से लिया।

सवाल उठे तो बैंस ने दूसरा पोस्‍ट कर दी सफाई

काफी ज्यादा लोगों ने उनसे इस पोस्ट का मतलब भी पूछा और कइयों ने उन्हें फोन तक किए, लेकिन उन्होंने किसी का फोन नहीं उठाया। लेकिन, कुछ ही देर के बाद उन्होंने एक और पोस्ट जारी करके कहा कि वह किसी व्यक्ति विशेष के बारे में नहीं बल्कि स्वयं के अहंकार से छुटकारा पाने की बात कर रहे थे। 

उन्होंने एक दूसरी पोस्ट में लिखा कि गुलामी वाली मेरी पोस्ट के कमेंट देखकर मैं यह कहने के लिए मजबूर हुआ है कि यह पोस्ट अहं की गुलामी के बारे में थी न कि किसी सियासी रवैये के बारे। वैसे भी जो लोग मुझे जानते हैं वे यह भी जानते हैं कि यदि मुझे किसी से नाता तोड़ना भी हो तो क्या मैं उस वक्त तोड़ूंगा जब वह मुश्किल में है।

कभी बादल के साथ के लिए नौकरी छोड़ दी थी

काबिले गौर है कि पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर हरचरण बैंस पिछले तीन दशकों से बादल परिवार से जुड़े रहे हैं। वह 1997-2002 के बादल मुख्‍यमंत्रित्‍व के कार्यकाल में मीडिया सलाहकार रहे तो उस दौरान कैप्टन अमरिंदर सिंह के मीडिया सलाहकार बीआइएस चाहल ने संत लोगोंवाल की एक बरसी के समारोह में उनसे कहा था कि वह या तो नौकरी छोड़ दें या फिर बादल साहिब का साथ।

बैंस ने अगले ही दिन पीएयू से अपनी नौकरी से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी और साथ ही कहा कि वह बादल साहिब को नहीं छोड़ेंगे। चूंकि उनकी बादल परिवार के साथ निकटता के बारे में सभी जानते हैं इसलिए जब उन्होंने आज सुबह यह पोस्ट डाली तो सभी को हैरानी हुई। वह भी उस समय जब प्रकाश सिंह बादल ने खुद ही सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली है।

बीबी जगीर कौर ने पंंथक राजनी‍ति में बादल परिवार के लिए पैदा की चुनौती 

बता दें कि बादल परिवार से एक के बाद उसके करीबी किनारा करने में लगे हुए हैं। अभी हाल में ही प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल की करीबी रही बीबी जगीर कौर ने उनसे दूरी बना ली और बगावत भी कर दी। बीबी जगीर कौर ने बादल परिवार से बगावत कर शिरोमणिगुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी  (SGPC) के प्रधान का चुनाव भी लड़ा। वह इसमें हार गईं, लेकिन उम्‍मीद से काफी अधिक वोट हासिल कर उन्‍होंने बादल परिवार के लिए पंथक राजनीति में चुनौती पैदा कर दी है।    

Edited By: Sunil Kumar Jha

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