जागरण संवाददाता, मोहाली। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (सीयू) वीडियो लीक मामले में वीरवार को रंकज को जमानत मिल गई है। खरड़ कोर्ट में चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास निधि सैनी की अदालत में रंकज वर्मा की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने एक लाख रुपये का बेल बांड भरवाकर रंकज की जमानत याचिका को मंजूर कर दिया है।

रंकज वर्मा के वकील हरविंदर सिंह जौहल ने कहा कि सुनवाई दौरान दोनों पक्षों में बहस पूरी हो गई थी। अदालत ने जमानत पर 6 अक्टूबर तक फैसला सुरक्षित रखा था। एडवोकेट जौहल ने बताया कि उन्होंने सुनवाई के दौरान अदालत को बताया था कि रंकज ने शिमला के ढल्ली पुलिस स्टेशन में 18 सितंबर को अपनी फोटो इस्तेमाल होने संबंधी डीडीआर दर्ज करवाई थी और वह पुलिस जांच में सहयोग करने को तैयार था, लेकिन मोहाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

वहीं, उन्होंने कहा कि कानून अनुसार रंकज को 41ए का नोटिस दिया जाना चाहिए था जोकि पुलिस ने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि जिस केस में सात साल से कम की सजा का प्रावधान है और जो पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहा हो उसे गिरफ्तार करने से पहले पुलिस को 41ए का नोटिस देना होता है जोकि पुलिस ने नहीं दिया।

इसके अलावा उन्होंने अदालत को बताया कि मामले में गिरफ्तार सेना का जवान संजीव सिंह भी कोर्ट में इस बात को कुबूल कर चुका है कि रंकज बेकसूर है और आरोपित छात्रा ने भी उसे पहचानने से इनकार कर दिया था। सूत्रों के अनुसार पुलिस के पास छात्रा के मोबाइल की फारेंसिक रिपोर्ट आ चुकी है, जिसमें केवल छात्रा के वीडियो व फोटो रिकवर हुए हैं, जबकि अन्य किसी छात्रा का फोटो व वीडियो नहीं मिला है। 

जिक्रयोग है कि आरोपित सेना के जवान संजीव सिंह को भी आज तीन दिन का पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद आज खरड़ कोर्ट में पेश किया गया था जहां अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत भेज दिया है। वहीं मामले में आरोपित छात्रा और उसके ब्वायफ्रेंड शिमला के रोहड़ू के सन्नी मेहता को अदालत पहले ही जेल भेज चुकी है।

Edited By: Ankesh Thakur

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