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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 07, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उपभोक्ता को गलत सामान डिलीवर करना स्नैपडील को पड़ा भारी, आयोग ने लगाया 5 हजार रुपये हर्जाना

By Pankaj DwivediEdited By:
Published: Sun, 07 Nov 2021 01:53 PM (IST)

डिफेक्टिव जूतों की डिलीवरी पर आयोग ने स्नैपडील पर पांच हजार रुपये हर्जाना लगाते हुए 5500 रुपये मुकदमेबाती के खर्च ...और पढ़ें

चंडीगढ़ के मयंक ने 15 अगस्त, 2018 को उपभोक्ता आयोग में शिकायत दी थी। सांकेतिक चित्र।
चंडीगढ़ के मयंक ने 15 अगस्त, 2018 को उपभोक्ता आयोग में शिकायत दी थी। सांकेतिक चित्र।

जासं, चंडीगढ़। ई-कामर्स कंपनी की ओर से उपभोक्ताओं को गलत सामान डिलीवर करने का सिलसिला जारी है। ऐसा ही एक ओर नया मामला सामने आया है जहां उपभोक्ता ने ई-कामर्स कंपनी स्नैपडील से प्यूमा के जूते मंगवाएं थे लेकिन कंपनी के भेजे जूते डिफेक्टिव पाए गए। यह डिलिवरी सेक्टर-34 में रहने वाले 22 वर्षीय मयंक को हुई थी। इस पर सुनवाई करते हुए आयोग ने स्नैपडील पर पांच हजार रुपये हर्जाना लगाते हुए 5500 रुपये मुकदमेबाती के खर्च के रुप में जमा करवाने का आदेश दिया। इसके अलावा आयोग ने कंपनी को आदेश दिया कि वह 9 फीसद प्रति वर्ष ब्याज के साथ 15 हजार रुपये शिकायतकर्ता को वापस करे।

इससे पहले, डिफेक्टिव जूते मिलने पर मयंक ने कई बार कंपनी को ई-मेल और स्नैपडील के एप से शिकायतें दी लेकिन इन शिकायताें को गंभीरता से नहीं लिया। अंत में, मयंक ने तंग आकर चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता आयोग में साल 2018 में शिकायत दर्ज करवाई।

यह था मामला

मयंक ने आयोग में दी अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने 15 अगस्त, 2018 को स्नैपडील कंपनी से प्यूमा कंपनी के जूते आर्डर किए थे, जिसकी कीमत 15 हजार रुपये थी। कंपनी की ओर से ऑर्डर 19 अगस्त को डिलिवर किया गया। जैसे ही उन्होंने पार्सल खोला तो देखा कि उसमें जो जूते आए हैं, वह डिफेकटिव पीस हैं। जूते साइड से फटे हुए थे और उनका तला भी घिसा हुआ था। उन्होंने तुरंत बाहर आकर डिलिवरी ब्वाय को बोलना चाहा लेकिन तब तक वह जा चुका था। इसके बाद उन्होंने स्नैपडील और प्यूमा दोनों कंपनियों को शिकायत दी लेकिन किसी ने भी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। अंत में उन्होंने आयोग में शिकायत की जहां स्नैपडील कंपनी को पांच हजार रुपये हर्जाना लगाया गया।

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