जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को चुनौती दी है कि वे चंडीगढ़ नगर निगम के अपनी पार्टी के उन छह पार्षदों के खिलाफ उस कंपनी के पक्ष में मतदान करने के लिए कुछ ठोस कार्रवाई करने का साहस दिखाएं, जिस पर पिछले निगम चुनाव के दौरान खुद आप के शीर्ष नेतृत्व द्वारा उच्च स्तरीय भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे।

कांग्रेस के प्रवक्ता राजीव शर्मा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के अन्य सभी नेताओं ने नगर निगम चुनाव के दौरान हर स्टेज से यह शोर मचाया कि अगर उनके पार्षद चुने जाते हैं तो वे निगम में भाजपा और उसकी पसंदीदा कंपनी द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार और लूट को बंद करा देंगे। पिछले हफ्ते उनके छह पार्षदों ने वार्ड-1 की जसविंदर कौर, वार्ड-4 की सुमन देवी, वार्ड-16 की पूनम, वार्ड-18 की तरुणा मेहता, वार्ड-23 की प्रेमलता और वार्ड 26 की कुलदीप ढलोर ने भाजपा की उसी पसंदीदा कंपनी के पक्ष में मतदान किया, जिस पर आप के शीर्ष नेताओं ने चंडीगढ़ को लूटने और शहर की राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग को भी गिराने का आरोप लगाया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस कंपनी ने चंडीगढ़ का अनुबंध हथियाने में मदद करने के लिए मतदान के दिन से पहले सभी पार्षदों से संपर्क किया। ऐसे में आम आदमी पार्टी के छह पार्षद उनके लाभदायी प्रस्ताव को ठुकरा नहीं सके। हैरानी की बात यह है कि स्वच्छ प्रशासन मुहैया कराने के मुद्दे पर जनता का वोट पाने वाले आप नेतृत्व ने अब तक पार्षदों के खिलाफ कोई गंभीर कार्रवाई नहीं की है। पार्षदों को भेजे गए कारण बताओ नोटिस भी हवा हवाई साबित हुए। अब तो पार्टी द्वारा भ्रष्टाचार में लिप्त अपने पार्षदों को बचाने की लगातार कोशिशें हो रहीं हैं.  उन्होने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर आम  आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी दर्शाती है कि वे भी इस सौदे का हिस्सा हो सकते हैं। भाजपा अध्यक्ष अरुण सूद भी आम आदमी पार्टी के पार्षदों को लगातार घेर रहे हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता राजीव शर्मा ने कहा कि चंडीगढ़ कांग्रेस आम आदमी पार्टी के इन छह पार्षदों के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच की मांग करती है ताकि यह पता लगाया जा सके कि एक विवादास्पद कंपनी को शहर के एक बड़े हिस्से की सफाई का कार्य सौंपने वाली आम आदमी पार्टी के नेताओं के बीच किस स्तर पर लेन देन हुआ है।

Edited By: Ankesh Thakur