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जनगणना-2027 की तैयारियां तेज, दिसंबर से शुरू होगी गिनती; 16 नवंबर से खुद भी दे सकेंगे अपनी जानकारी

Published: Mon, 21 Sep 2026 05:15 PM (IST)

राज्य में जनगणना-2027 के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना की तैयारियां तेज हो गई हैं। 16 नवंबर से स्व-गणना की ...और पढ़ें

मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और जनगणना संचालन पंजाब की निदेशक डॉ. नवजोत खोसा।

मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और जनगणना संचालन पंजाब की निदेशक डॉ. नवजोत खोसा।

HighLights

  1. पंजाब में जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियां तेज।

  2. 16 नवंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना होगी।

  3. 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक जनसंख्या गणना।

रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में जनगणना-2027 के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सोमवार को चंडीगढ़ के होटल माउंट व्यू में प्रधान जनगणना अधिकारियों (पीसीओ) का एक दिवसीय सम्मेलन हुआ। मुख्य सचिव केएपी सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में जनसंख्या गणना के लिए एन्यूमरेशन ब्लाक (ईबी) के अंतिम रूप देने, मानव संसाधन, प्रशिक्षण, डिजिटल टूल, स्व-गणना और फील्ड स्तर की तैयारियों की समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि जनगणना देश के सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियानों में शामिल है। इससे मिलने वाले जनसांख्यिकीय और सामाजिक-आर्थिक आंकड़े शासन, योजना निर्माण, नीतियां तैयार करने और सार्वजनिक सेवाओं की व्यवस्था में आधार का काम करते हैं। उन्होंने सभी प्रधान जनगणना अधिकारियों से अपने-अपने जिलों में तैयारियों की व्यक्तिगत निगरानी करने और निर्धारित समयसीमा में सभी कार्य पूरे कराने को कहा।

उन्होंने कहा कि जनगणना में किसी क्षेत्र या व्यक्ति का छूटना अथवा दोहरी गणना नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जिला प्रशासन, नगर निकायों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने जनगणना कर्मियों को समय पर प्रशिक्षण देने और फील्ड में भेजने से पहले उनकी जिम्मेदारियों और डिजिटल उपकरणों की जानकारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

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16 नवंबर से स्व-गणना की सुविधा

जनगणना संचालन पंजाब की निदेशक डॉ. नवजोत खोसा ने दूसरे चरण की तैयारियों और कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्व-गणना की प्रक्रिया 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक चलेगी। इसके बाद एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक जनसंख्या गणना होगी। पुनरीक्षण दौर पांच से नौ जनवरी 2027 तक चलेगा। जनगणना की संदर्भ तिथि पांच जनवरी 2027 की रात 12 बजे होगी।

डॉ. खोसा ने बताया कि जनसंख्या गणना की प्रश्नावली में विभिन्न पहलुओं से जुड़े 40 प्रश्न होंगे। उन्होंने एन्यूमरेशन ब्लाक के गठन, मानव संसाधन के युक्तिकरण, प्रशिक्षण व्यवस्था, डिजिटल टूल, बजट तथा मीडिया एवं प्रचार की तैयारियों पर भी प्रस्तुति दी।

उन्होंने अधिकारियों से दुर्गम, संवेदनशील और पहुंच से बाहर रहने वाले क्षेत्रों की पहले से पहचान कर वहां विशेष फील्ड व्यवस्था करने को कहा। ऐसे क्षेत्रों की पूरी कवरेज और उसका उचित दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

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हर स्तर पर होगी निगरानी

राज्य नोडल अधिकारी ने अधिकारियों को जनगणना के दिशा-निर्देशों और तय समयसीमा का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। जिला और चार्ज स्तर पर नियमित समीक्षा एवं निगरानी व्यवस्था बनाने को कहा गया, ताकि तैयारियों में सामने आने वाली कमियों को फील्ड कार्य शुरू होने से पहले दूर किया जा सके।
बैठक में स्व-गणना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए जिला स्तर पर प्रचार-प्रसार बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

सम्मेलन में राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति के सदस्य, मंडलायुक्त, उपायुक्त और नगर निगमों के आयुक्त शामिल हुए। अधिकारियों ने जनगणना में पूर्ण कवरेज, समयबद्धता, समन्वय और जवाबदेही सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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