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CBI के हर सवाल का जवाब देंगे CM मान के OSD राजवीर घुम्मन व करीबी, वकील बोले- जांच में रहेगा पूर्ण सहयोग

Published: Sun, 18 Oct 2026 06:42 PM (IST)

भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही सीबीआई ने मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी के करीबियों से पूछताछ की, जबकि कानूनी पक्ष ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।

सीएम के ओएसडी राजवीर घुम्मन।

सीएम के ओएसडी राजवीर घुम्मन।

HighLights

  1. CBI ने CM के OSD के 6 करीबियों से पूछताछ की।

  2. राजवीर घुम्मन को सीबीआई ने दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया।

  3. सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत में पूछताछ से राहत दी है।

डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। पंजाब में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रविवार मुख्यमंत्री के OSD के 6 करीबियों से पूछताछ की। बीते दिन ही तकरीबन 6 घंटै तक ओएसडी राजवीर घुम्मन से पूछताछ की गई थी और उन्हें सोमवार को फिर बुलाया गया है। वहीं, इस मामले में एडवोकेट जीपी घुम्मन ने स्पष्ट कर दिया है कि सभी सीबीआई का पूर्ण सहयोग करेंगे। 

मीडिया से बातचीत करते हुए सीनियर एडवोकेट जीपी घुम्मन ने बताया कि पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट ने 5 अक्टूबर को केंद्रीय एजेंसी को FIR दर्ज कर पांच दिसंबर तक अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में राहत के लिए याचिका दायर की गई थी। 12 अक्टूबर को मैटर सुप्रीम कोर्ट में लिस्ट हुआ।

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कस्टोडियल अरेस्ट से मिली थी रिलीफ

सुप्रीम कोर्ट में रिलीफ दी गई कि किसी की कस्टोडियल अरेस्ट नहीं होगी, न ही कस्टडी में लेकर पूछताछ होगी। लेकिन मामले की जांच जारी रहेगी। जांच के बीच ही अब नोटिस रिसीव हो रहे हैं। इस दौरान नितिन गोहल, जितिन गोहल, बीर दविंदर सिंह, डॉ. रोमी महाजन, पुष्पिंदर चहल और सतिंदर सिंह को आज का नोटिस मिला। 

ये नोटिस वॉट्स एप या किसी भी माध्यम से आ रहे हैं और जब हमारी नॉलेज में आते हैं तो हमारी तरफ से यही कहा जा रहा है कि सीबीआई की तरफ से जो सवाल हो रहे हैं, उनके स्पष्ट तौर पर उत्तर दिए जाएं।

तबादलों के रिकॉर्ड खंगाल रही एजेंसी

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी विशेष कार्य अधिकारी से जांच एजेंसी के अधिकारियों ने लगभग छह घंटे तक गहन पूछताछ की थी और उनसे करीब चालीस सवाल पूछे गए थे। जांच एजेंसी अब इस मामले से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड्स और फाइलों की बारीकी से पड़ताल कर रही है।

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जांच में खुले कई राज

जांच में सरकारी अधिकारियों के तबादलों और नियुक्तियों के बदले पैसे के लेनदेन, नीतिगत फैसलों और टेंडरों को प्रभावित करने तथा प्रशासनिक मंजूरियों, लाइसेंस और जमीन से जुड़े मामलों में दखल देने के आरोपों की जांच की जा रही है।

ईडी ने अपने आरोपों के समर्थन में वाट्सएप चैट और अन्य सामग्री का हवाला दिया था। सीबीआइ इस मामले में पंजाब और चंडीगढ़ में कई स्थानों पर तलाशी भी ले चुकी है। इनमें मुख्यमंत्री का कैंप कार्यालय भी शामिल है। 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने एफआइआर पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया था।

हालांकि, अदालत ने उस समय आरोपितों के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था। पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। अदालत ने राज्य सरकार को जांच में सहयोग करने के लिए भी कहा था। मामले की जांच अभी जारी है। आरोपितों के खिलाफ लगाए गए आरोप अदालत में अभी साबित नहीं हुए हैं।

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