पंजाब रिश्वत कांड: राजबीर घुम्मन की बढ़ी मुश्किलें, सीबीआई ने सोमवार को फिर बुलाया पूछताछ के लिए
पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई ने ओएसडी राजबीर घुम्मन को फिर पूछताछ के लिए ...और पढ़ें

सोमवार को फिर होगी राजबीर घुम्मन की पेशी।
HighLights
राजबीर घुम्मन को सीबीआई ने फिर पूछताछ के लिए बुलाया
मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में एफआईआर दर्ज
नितिन गोहल, जितिन गोहल से भी सीबीआई ने की पूछताछ
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने नितिन गोहल, जितिन गोहल और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता बीर देविंदर सिंह को रविवार को पूछताछ के लिए बुलाया है।
वहीं, मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) राजबीर सिंह घुम्मन को सोमवार को फिर जांच में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। घुम्मन से शुक्रवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-30 स्थित सीबीआइ कार्यालय में करीब छह घंटे पूछताछ हुई थी।
घुम्मन समेत 6 लोगों पर एफआईआर दर्ज
इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के पांच अक्टूबर के आदेश के बाद सीबीआइ ने घुम्मन समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से उठाए गए आरोपों की जांच के निर्देश दिए थे।
एफआईआर में कई लोगों के नाम हैं दर्ज
एफआइआर में राजबीर सिंह घुम्मन के अलावा नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर सिंह और राजदीप सिंह नागरा के नाम शामिल हैं। इसके अलावा अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों का भी उल्लेख किया गया है।
जांच में खुले कई राज
जांच में सरकारी अधिकारियों के तबादलों और नियुक्तियों के बदले पैसे के लेनदेन, नीतिगत फैसलों और टेंडरों को प्रभावित करने तथा प्रशासनिक मंजूरियों, लाइसेंस और जमीन से जुड़े मामलों में दखल देने के आरोपों की जांच की जा रही है।
ईडी ने अपने आरोपों के समर्थन में वाट्सएप चैट और अन्य सामग्री का हवाला दिया था।
सीबीआइ इस मामले में पंजाब और चंडीगढ़ में कई स्थानों पर तलाशी भी ले चुकी है। इनमें मुख्यमंत्री का कैंप कार्यालय भी शामिल है। 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने एफआइआर पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया था।
हालांकि, अदालत ने उस समय आरोपितों के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था। पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
अदालत ने राज्य सरकार को जांच में सहयोग करने के लिए भी कहा था। मामले की जांच अभी जारी है। आरोपितों के खिलाफ लगाए गए आरोप अदालत में अभी साबित नहीं हुए हैं।
यह भी पढ़ें- 'बिना मंजूरी कैसे दर्ज हुई FIR?', OSD राजबीर घुम्मन ने CBI कार्रवाई को हाई कोर्ट में दी चुनौती
