'रिटायरमेंट के बाद मिला IPS का हक...', CAT ने हरियाणा के पूर्व पुलिस अधिकारी के पक्ष में सुनाया अहम फैसला
केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) ने हरियाणा पुलिस सेवा के अधिकारी राज कुमार वालिया को सेवानिवृत्ति के बाद भी आईपीएस कैडर में नियुक्त करने का आदेश दिया है।

CAT ने हरियाणा के पूर्व पुलिस अधिकारी के पक्ष में सुनाया अहम फैसला (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
राज कुमार वालिया को सेवानिवृत्ति के बाद मिला आईपीएस पद
कैट ने प्रशासनिक देरी को अधिकारी के करियर पर भारी नहीं माना
आईपीएस कैडर में नियुक्ति और सेवा संबंधी लाभ देने का निर्देश
मनोज विष्ट, चंडीगढ़। विभागीय देरी किसी योग्य अधिकारी के करियर पर भारी नहीं पड़ सकती। हरियाणा पुलिस सेवा (एचपीएस) के अधिकारी राज कुमार वालिया का मामला इसका उदाहरण है।
वर्ष 2022 की आइपीएस चयन सूची में दूसरा स्थान मिलने और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) से मंजूरी के बावजूद उन्हें केवल इस आधार पर नियुक्ति से वंचित कर दिया गया कि चयन प्रक्रिया पूरी होने तक वह सेवानिवृत्त हो चुके थे।
अब केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) की चंडीगढ़ बेंच ने उन्हें बड़ी राहत देते हुए वर्ष 2022 के पैनल के अनुसार देय तिथि से आइपीएस कैडर में नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं।
अधिकरण ने केंद्र सरकार और यूपीएससी सहित संबंधित पक्षों को आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के चार सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने को कहा है।
कैट ने अपने फैसले में माना कि यदि चयन प्रक्रिया समय पर पूरी की जाती तो राज कुमार वालिया सेवाकाल के दौरान ही आइपीएस अधिकारी बन सकते थे। प्रशासनिक देरी का नुकसान किसी पात्र अधिकारी को नहीं दिया जा सकता।
अधिकरण ने निर्देश दिया है कि उनकी वास्तविक सेवानिवृत्ति और आइपीएस में नियुक्ति के बीच की अवधि को सतर्कता मंजूरी और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं के अधीन निरंतर सेवा माना जाए। साथ ही उन्हें आइपीएस अधिकारियों के लिए निर्धारित सेवानिवृत्ति आयु तक सेवा संबंधी लाभ देने के निर्देश दिए हैं।