चंडीगढ़ पुलिस की यह कैसी जांच : ठगी के दो मामलों की एफआइआर दर्ज करने में लग गए दस साल
चंडीगढ़ पुलिस को ठगी के दो अलग-अलग मामलों में एफआइआर दर्ज करने में दस साल लग गए। 40 करोड़ रुपये के शेयर ट्रांसफर मामले में चंडीगढ़ पुलिस की जांच 10 साल तक चली।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : चंडीगढ़ पुलिस को ठगी के दो अलग-अलग मामलों में एफआइआर दर्ज करने में दस साल लग गए। 40 करोड़ रुपये के शेयर ट्रांसफर मामले में चंडीगढ़ पुलिस की जांच 10 साल तक चली। आखिरकार पुलिस ने अब कार्रवाई की है। 40 करोड़ रुपये के शेयर ट्रांसफर केस में पुलिस ने प्रवीण भारद्वाज के खिलाफ आइपीसी की धारा 120 बी, 420 और 406 के तहत केस दर्ज किया है। इसकी शिकायत मोहाली निवासी परविदर कौर भाटिया ने दी थी। केस एक-
शिकायतकर्ता प्रवीण भारद्वाज ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके शेयर डिमेट अकाउंट से सेक्टर -34 स्थित कंपीटेंट फिनमैन प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारी प्रवीण भारद्वाज के पारिवारिक सदस्य के अकाउंट में ट्रांसफर हुआ है। गलत तरीके से 40 करोड़ की ट्रांजेक्शन हुई है। जांच में पता चला कि दस अक्तूबर 2012 को उसके शेयर डिमेट अकाउंट से प्रवीण भारद्वाज की माता सुदर्शन भारद्वाज के अकाउंट में ट्रांसफर हुए थे। उन्होंने बताया कि उनके डिमेट अकांउट में कई जाली एंट्री की गई। इसके कारण उनको इनकम ट्रैक्स विभाग से नोटिस आया। उनके डिमेट अकांउट से 40 करोड़ की ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली। सारी ट्रांजेक्शन प्रवीण भारद्वाज ने अपनी परिवार के सदस्यों के नाम पर की है। केस दो-
10 साल तक जांच के बाद एक करोड़ दो लाख की ठगी में केस दर्ज
पिजौर निवासी विशाल राय की शिकायत पर चंडीगढ़ पुलिस ने मेंटिस टेक्नोलाजी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के तत्कालीन कर्मचारी मोहिदर सिंह कालोनी, जालंधर निवासी संग्राम सिंह सहित पत्नी रीशा राणा के खिलाफ एक करोड़ 71 लाख 800 रुपये की ठगी का केस दर्ज किया है। इसकी शिकायत साल 2011 में की गई थी। पुलिस ने अब आरोपितों के खिलाफ आइपीसी की धारा 409, 419, 420 और 120 बी के तहत केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता विशाल ने बताया कि वह मेंटिस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में आपरेशन एसोसिएट के पद पर तैनात है। उनकी कंपनी आइटी और साफ्टवेयर की सर्विस देती है। आडिट के दौरान पता चला कि कर्मचारी संग्राम सिंह राणा ने पत्नी के साथ मिलकर कंपनी से एक करोड़ दो लाख 71 हजार 800 रुपये की ठगी कर ली। संग्राम सिंह ने कंपनी में 2011 में सीनियर एसोसिएट ज्वाइन किया था। वह कंपनी में बस आपेरटर डिवाइस और साफ्टवेयर को बेचता था। 14 अगस्त 2019 को आडिट के दौरान पता चला कि संग्राम सिंह ने जुझार ट्रेवल प्राइवेट कंपनी खोल रखी है। उसका उसने वेंडर अकाउंट बना रखा है। कंपनी के एक करोड़ दो लाख 71 हजार 800 रुपये उसी अकांउट में ट्रांसफर किए गए हैं। जांच में पता चला कि आरोपित ने जुझार ट्रेवल प्राइवेट कंपनी में अपनी पत्नी का अकाउंट नंबर दे रखा था। केस तीन-
फ्लैट दिलाने के नाम पर 10 लाख की ठगी में आठ साल बाद केस
सेक्टर-29 स्थित ट्रिब्यून कालोनी निवासी राजन रेखी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्हें मकान खरीदना था। 2008 में उनकी मुलाकात यूटी बिल्डर एंड प्रमोटर के डायरेक्टर सेक्टर-21 निवासी प्रेमलाल मिड्डा से हुई। मिड्डा ने कहा कि वह उन्हें 14-14 लाख रुपये में डेराबस्सी स्थित ग्रीन स्टेट में ईडब्लूएस फ्लैट दिला देगा। उन्हें चार लाख रुपये नकदी और दस लाख रुपये लोन करवा देगा। राजन समेत दस अन्य लोगों से फ्लैट की बुकिग करवाने के लिए उसने कागजात ले लिए। शिकायतकर्ता की जानकारी बिना ही मिड्डा ने पंचकूला सेक्टर 20 स्थित स्टेट बैंक आफ इंडिया से उसके नाम पर दस लाख रुपये का लोन भी ले लिया। डीआरटी की तरफ से शिकायतकर्ता को लोन न भरने को लेकर नोटिस आने पर ठगी का खुलासा हुआ। 30 अक्तूबर 2014 को उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस को दी। सेक्टर-34 थाना पुलिस ने मामले की जांच कर राजन समेत दस लोगों की शिकायत पर यूटी बिल्डर एंड प्रमोटर के डायरेक्टर सेक्टर-21 निवासी प्रेमलाल मिड्डा पर केस दर्ज किया है। केस चार-
कोठी के सौदे के नाम पर ड़ेढ करोड़ की ठगी
धनास निवासी सुरेश कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसे कोठी खरीदनी थी। उसकी मुलाकात सेक्टर-23 निवासी जतिदर सिंह और गुरबाज सिंह से हुई। उन्होंने बताया कि सेक्टर- 23 में कोठी बिक रही है। इस पर कोठी डेढ़ करोड़ में खरीद ली। बाद में उक्त लोगों ने कोठी का कब्जा देने से इन्कार कर दिया। सुरेश ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने सेक्टर-23 निवासी जतिदर सिंह और गुरबाज सिंह धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
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