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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 06, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पूर्व चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी सुरेश कुमार को मनाने फिर घर पहुंचे अमरिंदर

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Tue, 06 Feb 2018 09:16 AM (IST)Updated: Tue, 06 Feb 2018 12:34 PM (IST)

कैप्‍टन अमरिंदर सिंह एक बार फिर अपने पूर्व चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी सुरेश कुमार को मनाने उनके घर पहुंचे। पिछले 10 ...और पढ़ें

पूर्व चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी सुरेश कुमार को मनाने फिर घर पहुंचे अमरिंदर
पूर्व चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी सुरेश कुमार को मनाने फिर घर पहुंचे अमरिंदर

जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह किसी भी हालत में अपने पूर्व चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी सुरेश कुमार को वापस अपनी टीम में लाना चाहते हैं। यही कारण है कि वह दस दिन में दूसरी बार सुरेश कुमार को मनाने उनके आवास पर गए, लेकिन सुरेश कुमार की वापसी पर संशय बरकरार रहा। इस बार सीएम अकेले उनसे मिलने गए थे। हालांकि, उनसे पहले कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा भी सुरेश कुमार से मिलने गए थे। सुरेश कुमार ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा अपनी नियुक्ति पर सवाल उठाए जाने के बाद इस्‍तीफा दे दिया था।

सुरेश कुमार ने साफ कर दिया है कि वह उन लोगों के साथ काम नहीं कर सकते, जो उन्हें हटाने के लिए साजिशें रच रहे हैं। चर्चा है कि सुरेश कुमार और पंजाब के एजी अतुल नंदा की आपस में बिल्कुल नहीं बनती और सरकार ने उनका केस डिफेंड करने के लिए भी नंदा को कहा है। यह भी कहा जा रहा है कि एजी कार्यालय की ओर से हाईकोर्ट में सही तरीके से केस पेश न किए जाने के कारण सरकार को मुंह की खानी पड़ी।

शनिवार को ही सीएम कैप्टन ने कहा था कि जब तक वह सीएम हैं, सुरेश कुमार उनके साथ ही काम करेंगे। सीएम ने हाईकोर्ट के फैसले को डबल बेंच में अपील करने की बात जरूर की, लेकिन तीन हफ्ते बीत जाने के बावजूद अभी तक एजी इस केस को फाइल नहीं कर पाए हैं।

एडवाइजर पर भी विचार

रविवार को सुरेश कुमार से उनके  आवास पर कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने करीब लगभग पौने घंटे तक बातचीत की। सुरेश कुमार को सीएम का एडवाइजर नियुक्त करने पर भी विचार हुआ, लेकिन वह तैयार नहीं हैं। सीएम के कुछ करीबी नेताओं का कहना है कि कैबिनेट में एक ऑर्डिनेंस लाकर सुरेश कुमार को पुन: नियुक्ति दी जाए। इसमें वे सभी शर्तें हटा दी जाएं, जिस पर हाईकोर्ट को एतराज है। इस बीच नया चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी लगाने की कवायद भी चल रही है। विनी महाजन को फ्रंट रनर के रूप में देखा जा रहा है।