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    ब्रेजा की टंकी 48 लीटर की, फ्यूल भर दिया 51.47 लीटर, 10 लीटर पहले से था

    By JagranEdited By:
    Updated: Tue, 07 Jan 2020 08:41 PM (IST)

    पेट्रोल पंप पर मशीन टैंपर करने के मामले तो आते रहे हैं।

    ब्रेजा की टंकी 48 लीटर की, फ्यूल भर दिया 51.47 लीटर, 10 लीटर पहले से था

    जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : पेट्रोल पंप पर मशीन टैंपर करने के मामले तो आते रहे हैं। लेकिन पहली बार एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा भी उजागर हुआ है। पेट्रोल पंप के स्टाफ ने कार के फ्यूल टैंक की क्षमता से अधिक डीजल डाल दिया। मशीन में दिख रही रीडिग के हिसाब से बिल भी वसूल लिया। कार मालिक ने पुलिस में लिखित कंप्लेंट रजिस्टर्ड कराने के साथ ही पेट्रोल पंप मालिक को लीगल नोटिस भी भेजा है। इसकी कॉपी केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान और डीसी चंडीगढ़ को भी भेजी गई है। इस तरह तो 60 लीटर डीजल टैंक में आ गया

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    पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट एसपी यादव ने बताया कि उनके क्लाइंट ने दो जनवरी को सेक्टर-33 स्थित राजिद्र कुमार सर्विस इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप से अपनी सीएच-01-बीएम-1972 नंबर ब्रेजा कार में डीजल डलवाया था। कार में पहले से ही करीब दस लीटर डीजल था। उन्होंने पंप स्टाफ से टैंक फुल करने के लिए कहा। स्टाफ ने कार में फ्यूल डालना शुरू किया। इस दौरान पंप मशीन में 51.47 लीटर फ्यूल डिस्प्ले हुआ जो टैंक में डल चुका था। 100 एमएल इंजन प्यूरीफायर लिक्विड सब्सटांस भी डाला गया। हैरानी की बात तो यह है कि इस कार के टैंक की अधिकतम क्षमता ही 48 लीटर है। कार में पहले से करीब 10 लीटर फ्यूल था। इस हिसाब से कार में 60 लीटर फ्यूल डल गया। एसपी यादव ने कहा कि ऐसा कैसे संभव है कि किसी कार के टैंक में मैन्यूफेक्चरिग क्षमता से अधिक फ्यूल डल जाए। सात दिन का नोटिस दिया गया

    एसपी यादव ने कहा कि यह धोखाधड़ी के साथ ही एक्सटोर्टिग मनी यानी उगाही का मामला भी बनता है। यह मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस की गाइडलाइंस का उल्लंघन है। एसपी यादव ने लीगल नोटिस में कहा कि उक्त पेट्रोल पंप का लाइसेंस तुरंत सस्पेंड होना चाहिए। जुर्माना के साथ ही कार्रवाई के लिए सात दिन का नोटिस दिया गया है। दबाव बनाकर 875 रुपये अतिरिक्त वसूले

    फ्यूल डालने के बाद मीटर में शो हो रही रीडिग के हिसाब से बिल वसूलने का दबाव बनाया गया। उससे 875 रुपये अतिरिक्त जबरदस्ती वसूल करने का आरोप लगाया है। जबकि पेट्रोल पंप की रीडिग मशीन टेंपर्ड थी। 64.85 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से 51.47 लीटर डीजल के 3372 रुपये लिए गए। ग्राहकों को चूना लगाया जा रहा था। वहीं, पंप पर 100 एमएल इंजिन प्यूरीफायर लिक्विड सब्सटांस के 140 रुपये तो लिए गए लेकिन बदले में बिल नहीं दिया गया। बिल मांगने पर स्टाफ आनाकानी करता रहा। यह उस दिन की सीसीटीवी फुटेज से भी देखा जा सकता है। सीसीटीवी फुटेज को संभालना जरूरी है। पंप पर न तो पीने का पानी उपलब्ध था और टॉयलेट भी क्लीन नहीं थे। साथ ही शिकायत के लिए कहीं कोई ग्रीवांस बॉक्स भी नहीं मिला।