Punjab News: सीएम भगवंत मान ने लगाया आरोप, कहा-बीजेपी नहीं पंजाब की शुभचिंतक
पंजाब के सीएम भगवंत मान ने बीजेपी पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब की शुभचिंतक नहीं है। उन्होंने दावा किया कि राज्य का केंद्रीय बजट में जिक्र नहीं है और केंद्र ने रेल-जहाज-रेल रूट की शर्त लगा दी है।

चंडीगढ़, पीटीआई: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को भाजपा पर पंजाब का हितैषी नहीं होने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि राज्य का केंद्रीय बजट में जिक्र नहीं है और केंद्र ने रेल-जहाज-रेल रूट की शर्त लगा दी है। उन्होंने कहा कि पंजाबियों को अभी भी याद है कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस परेड से राज्य की झांकी निकालकर पंजाब के बहादुर योद्धाओं के बलिदान का "अपमान" किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर भाजपा को वास्तव में राज्य से कुछ लगाव है, तो केंद्रीय बजट में पंजाब का जिक्र तक क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि श्रीलंका के रास्ते कोयला लाने के लिए रेल-जहाज-रेल मार्ग जैसी शर्तें लगाने वाली पार्टी पंजाब की हितैषी कैसे हो सकती है? क्या भाजपा का पंजाब के लिए इस तरह का प्यार है? पंजाब की सत्तारूढ़ आप ने पहले आरएसआर मोड का उपयोग करके राज्य सरकार से कोयला उठाने के लिए कहने के लिए केंद्र की आलोचना की थी, यह दावा करते हुए कि यह राज्य बिजली उपयोगिता पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालेगा।
मान ने हरपाल सिंंह चीमा द्वारा बजट पेश की सराहना की
पिछले महीने मुख्यमंत्री मान ने कहा था कि केंद्र कोयला आपूर्ति के लिए रेल-जहाज-रेल शर्त में छूट देने पर सहमत हो गई है। पंजाब विधानसभा में बजट अनुमानों पर बहस में भाग लेते हुए मान ने शुक्रवार को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा पेश बजट की सराहना की। भाजपा के एक विधायक के इस बयान का जिक्र करते हुए कि आप सरकार केंद्र की आलोचना करती है और साथ ही उससे धन मांगती है, मान ने कहा कि पंजाब धन की भीख नहीं मांग रहा है, बल्कि यह उसका संवैधानिक अधिकार है।
मान ने कहा कि हम केंद्र सरकार के लिए जीएसटी एकत्र कर रहे हैं और इसमें से अपना वाजिब हिस्सा मांग रहे हैं। मान ने आगे कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बिजली मुफ्त कर दी है और मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब 'बड़े साहब' कहते हैं 'मुफ्त की रेवड़ी की बांटते हैं'। लोगों के टैक्स के पैसे से मुफ्त बिजली, शिक्षा और मुफ्त इलाज देना कैसे 'मुफ्त की रेवड़ी' हो सकता है।
बीजेपी से पूछे सवाल
मान ने कहा कि अगर ऐसा है तो मैं 'बड़े साहब' से प्रत्येक परिवार के लिए 15 लाख रुपये और हर साल 2 करोड़ नौकरियों के वादे के बारे में पूछना चाहता हूं। उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को परेशान करने का भी आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों के दौरान नौ साल तक बजट पेश करने वाले पूर्व वित्त मंत्री ने राज्य को 'आपदा के कगार' पर ला खड़ा किया।
मनप्रीत बादल का नाम लिए बिना उन्होंने बजट के लिए आप सरकार की आलोचना करने के लिए पूर्व वित्त मंत्री का उपहास उड़ाया और उन्हें एक "गिरगिट" कहा, जो अपने निहित स्वार्थों के लिए बार-बार पार्टियों को बदल देता है। पंजाबी विश्वविद्यालय के लिए 164 करोड़ रुपये के आवंटन को लेकर विपक्षी सदस्यों द्वारा सरकार को निशाना बनाए जाने के बारे में मान ने सदन को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार किसी भी विश्वविद्यालय को कोई वित्तीय नुकसान नहीं होने देगी।
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