पंजाब में SIR पर घमासान, सुनील जाखड़ का दावा, आप-कांग्रेस ने बैठक में सहमति और बाहर विरोध का दिखाया दोगलापन
विशेष चुनावी समीक्षा प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया गया है। भाजपा नेता ने ...और पढ़ें

मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा नेता।
HighLights
जाखड़ ने पंजाब सीईओ अनिंदिता मित्रा से मुलाकात की।
आप-कांग्रेस ने आंतरिक बैठकों में एसआईआर पर सहमति दी।
बाहर विरोध प्रदर्शन कर दल दोहरापन दिखा रहे हैं।
रमनजीत सिंह मणकू, चंडीगढ़। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ ने आज पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा से मुलाकात की। बाद में सीईओ कार्यालय के बाहर मीडिया से बात करते हुए जाखड़ ने कहा कि जो राजनीतिक दल, चाहे वह कांग्रेस हो या आम आदमी पार्टी, देश के विभिन्न इलाकों खासकर दिल्ली में चुनाव आयोग की SIR के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्हीं दलों के पंजाब के नेताओं ने पंजाब में हाल ही में संपन्न हुई एसआईआर को लेकर कोई भी आपत्ति दर्ज नहीं करवाई है। जाखड़ ने कहा कि आज उन्होंने सीईओ पंजाब से मुलाकात करके एसआईआर के बारे में जानकारी हासिल की और पूछा कि क्या पंजाब में किसी खास तरह की प्रक्रिया अपनाई गई थी, क्योंकि यहां राजनीतिक दलों द्वारा कोई शोर-शराबा नहीं किया गया, जबकि देश के अन्य इलाकों में हुई एसआईआर पर यही पार्टियां सवाल खड़ा कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि सीईओ ने स्पष्ट किया है कि जो प्रक्रिया देश के अन्य राज्यों में अपनाई गई, उसी के तहत पंजाब में भी पूरी प्रक्रिया संपन्न की गई। जाखड़ ने कहा कि यही उनकी हैरानी की वजह है, क्योंकि दिल्ली में हुए प्रदर्शन में पंजाब के भी कई नेता दिखाई दिए, जो वहां लोगों को एसआईआर के खिलाफ भड़का रहे हैं, यह उनका दोगलापन दिखाता है।
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चुनावी समीक्षा प्रक्रिया में पूर्ण सहमति
जाखड़ ने कहा कि उन्हें बताई गई प्रक्रिया के तहत राज्य के सभी 25 हजार से अधिक बूथों पर चुनाव आयोग द्वारा सभी पंजीकृत पार्टियों के प्रतिनिधियों को बीएलए के तौर पर पूरी प्रक्रिया में शामिल किया गया था। थोड़े-थोड़े दिनों बाद हर स्तर पर बीएलओ द्वारा इन पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर चुनावी प्रक्रिया की प्रगति का डाटा साझा किया गया और उनसे लिखित तौर पर सहमति या आपत्ति दर्ज करने को कहा गया।
उन्होंने दावा किया कि किसी भी राजनीतिक पार्टी द्वारा इस पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी का अंदेशा नहीं जताया गया, जहां भी कोई समस्या आई उसे दूर कराया गया।
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सहमति देने के बाद विरोध गलत
जाखड़ ने कुछ विधानसभा हलकों के आंकड़े साझा करते हुए कहा कि इन सभी जगहों पर जितने भी वोट काटे गए और जितने भी नए बने, उसमें संबंधित विधानसभा क्षेत्र के नेताओं द्वारा अपनी पार्टी के प्रतिनिधियों को तैनात किया गया था और उनकी सहमति से ही वह प्रक्रिया संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि यह बात वह पूरे विश्वास से इसलिए कह रहे हैं क्योंकि उनकी पार्टी के प्रतिनिधियों ने भी इस पूरी प्रक्रिया में हिस्सा लिया और समय-समय पर अपनी सहमति जताई।
उन्होंने कहा, "मैं कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं से कहना चाहता हूं कि प्रदर्शन करने से पहले संवैधानिक प्रक्रिया के तहत मिले अधिकार का इस्तेमाल करते हुए सवाल तो करो। वहां तो सभी जगह सहमति दी है और बाहर लोगों में जाकर विरोध कर रहे हैं, यह नहीं होना चाहिए।"
