SIR के विरोध में पटना में AISA का लोकभवन मार्च, प्रदर्शनकारियों ने तोड़ी बैरिकेडिंग, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
आइसा ने पटना में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में लोकभवन मार्च निकाला, जहां प्रदर्शनकारियों ने ...और पढ़ें

बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने लगे प्रदर्शनकारी
HighLights
आइसा ने पटना में SIR के विरोध में मार्च किया।
प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस ने हिरासत में लिया।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और प्रक्रिया रद्द करने की मांग।
जागरण संवाददाता, पटना। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के विरोध में मंगलवार को आइसा बिहार की ओर से पटना में लोकभवन मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया रद करने की मांग को लेकर केंद्र सरकार तथा निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।

गांधी मैदान के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर मार्च को रोकने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने लगे, जिसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
एसआइआर पर सवाल, निर्वाचन आयोग की जवाबदेही तय करने की मांग

आइसा ने मार्च के जरिए एसआइआर की प्रक्रिया रद करने और मतदाता सूची से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के मामले में निर्वाचन आयोग की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।

संगठन का आरोप है कि पुनरीक्षण के नाम पर बड़ी संख्या में जीवित मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। आइसा ने इसे मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।
बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने लगे प्रदर्शनकारी
लोकभवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए गांधी मैदान के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। हालांकि, प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने पर अड़े रहे और बैरिकेडिंग तोड़ दी।

इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। मार्च के दौरान केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के कारण मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा संगठन
आइसा ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। संगठन का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर निर्वाचन आयोग को जवाब देना चाहिए।

मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया रद करने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
बिहार और बंगाल के चुनावों को रद करने की भी मांग
संगठन ने बिहार और बंगाल में कथित फर्जी चुनावों को रद करने तथा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई बंद करने की मांग भी उठाई।

आइसा ने एसआइआर की प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मतदाता सूची में नाम हटाने से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच हो और निर्वाचन आयोग इस पर स्थिति स्पष्ट करे।

