अमित शाह के पंजाब दौरे पर सीएम भगवंत मान ने साधा निशाना, बोले- पहले कांडला बंदरगाह पर रोकें नशा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे से पहले वीडियो जारी कर घेरा। कांडला बंदरगाह से नशे की खेप और किसान आंदोलन पर सवाल उठाए।
HighLights
नशे के कारोबार पर भाजपा-अकाली गठबंधन सरकार की भूमिका पर सवाल।
कांडला बंदरगाह से पकड़ी गई नशे की खेपों पर केंद्र को घेरा।
किसान आंदोलन के दौरान मृत किसानों के परिवारों पर केंद्र की चुप्पी।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले इंटरनेट मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर भाजपा और केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा पंजाब को नशामुक्त करने और बचाने की बात कर रही है, लेकिन जब 2007 से 2017 तक अकाली दल के साथ उसकी गठबंधन सरकार थी, तब पंजाब में नशे का कारोबार बढ़ने पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
मान ने कहा कि केंद्र सरकार पहले अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले नशा तस्करी के रास्तों और भाजपा शासित राज्यों में गैंगस्टरवाद पर जवाब दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमित शाह देश के गृह मंत्री हैं और जब चाहें पंजाब आ सकते हैं, लेकिन पंजाब को बचाने के नाम पर राजनीतिक प्रचार करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि अकाली दल के साथ गठबंधन सरकार के समय नशे का कारोबार बढ़ा और बड़े तस्करों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
बिक्रम मजीठिया के मामले में सीबीआइ जांच की मांग उठती रही, लेकिन जांच नहीं कराई गई, क्योंकि वह भाजपा के सहयोगी दल से जुड़े थे। मान ने सवाल किया कि 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद भी नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
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कांडला बंदरगाह से नशे की खेपों पर केंद्र को घेरा
भगवंत मान ने कहा कि आज राजस्थान में नशे की समस्या गंभीर है और हरियाणा गैंगस्टरों की नर्सरी बन गया है। गुजरात के कांडला बंदरगाह से तीन-तीन हजार किलोग्राम नशे की खेपें पकड़े जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने सवाल किया कि केंद्र सरकार वहां से नशे की तस्करी क्यों नहीं रोक पा रही। उन्होंने पाकिस्तान से लगती पंजाब की 532 किलोमीटर लंबी सीमा का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के साथ बैठकों में सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने की मांग उठाई थी। उनके अनुसार, पंजाब सरकार ने बीएसएफ के साथ मिलकर अपना एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाया, लेकिन केंद्र ने इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की।
700 से अधिक किसानों की मौत पर भी मांगा जवाब
मुख्यमंत्री ने किसान आंदोलन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर करीब डेढ़ साल तक चले आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसानों की मौत हुई। उन्होंने सवाल किया कि केंद्र सरकार ने मृतक किसानों के परिवारों से मिलने और उनके साथ हमदर्दी जताने की कोशिश क्यों नहीं की। मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने इन परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरियां दीं।
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गैंगस्टरों और पंजाब के अधिकारों पर भी सवाल
मान ने मुंबई में फिल्म अभिनेता पर हुई गोलीबारी का उल्लेख करते हुए आरोपितों के राजस्थान के कोटा से जुड़े होने की बात कही। उन्होंने सवाल किया कि राजस्थान और हरियाणा में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भाजपा क्या जवाब देगी। उन्होंने यह भी पूछा कि गंभीर हत्याओं की जिम्मेदारी लेने वाले गैंगस्टर साबरमती सहित अन्य जेलों में क्यों बंद हैं।
मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़, पंजाब के पानी और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड में राज्य की हिस्सेदारी से जुड़े मुद्दे भी उठाए। उन्होंने कहा कि जब पंजाब के अधिकारों की बात आती है, तब भाजपा को राज्य की चिंता नहीं होती, लेकिन चुनाव के समय पंजाब को बचाने की बात होने लगती है।
मान ने कहा कि पंजाब सरकार परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड की सीबीआइ जांच की मांग कर चुकी है और उसे जांच से कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने अमित शाह से कहा कि पंजाब आकर राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय पीड़ित परिवारों से मिलें और उनके दुख में शामिल हों। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग किसान आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं को भूले नहीं हैं।
