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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Punjab Politics: केंद्र के सामने पंजाब के अधिकारों का आत्मसमर्पण न करें भगवंत मान: प्रताप सिंह बाजवा

By Jagran NewsEdited By: Swati Singh
Published: Fri, 07 Apr 2023 10:49 AM (IST)

Punjab Politics बाजवा ने कहा कि कांग्रेस ने उक्त विकास को गंभीरता से लिया है और बीबीएमबी में पंजाब के ...और पढ़ें

केंद्र के सामने पंजाब के अधिकारों का आत्मसमर्पण न करें भगवंत मान: प्रताप सिंह बाजवा
केंद्र के सामने पंजाब के अधिकारों का आत्मसमर्पण न करें भगवंत मान: प्रताप सिंह बाजवा

चंडीगढ़, राज्य ब्यूरो। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से केंद्र के समक्ष राज्य के अधिकारों को आत्मसमर्पण करने से परहेज करने का आग्रह किया है क्योंकि यह लंबे समय से लंबित मांगों पर पंजाब के हितों को कमजोर कर सकता है।

प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि पंजाब को पहले ही पंजाब पुनर्गठन अधिनियम 1966 के तहत गठित भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से बाहर कर दिया गया है, जो राज्य से बहने वाले नदी के पानी के नियम और वितरण की निगरानी करता है। उन्होंने कहा साल केंद्र सरकार ने एक साधारण अधिसूचना के माध्यम से पंजाब और हरियाणा दोनों के बीबीएमबी में स्थायी सदस्य होने के अधिकारों को कम कर दिया।

प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, 2022 में अधिसूचना जारी होने से पहले 56 वर्षों में पंजाब और हरियाणा दोनों के पास स्थायी सदस्य (विद्युत) और सदस्य (सिंचाई) हुआ करते थे।

सीएम मान से की अपील

बाजवा ने कहा कि कांग्रेस ने उक्त विकास को गंभीरता से लिया है और बीबीएमबी में पंजाब के प्रतिनिधि की स्थायी सदस्यता बहाल करने के लिए मामले को तुरंत केंद्र के साथ उठाने के लिए भगवंत मान को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने का आह्वान किया है। हालांकि, न केवल मान उचित स्तर पर केंद्र सरकार के साथ इस मुद्दे को उठाने में विफल रहे, बल्कि पंजाब के लिए इसके महत्व के बारे में केंद्र को समझाने में भी पूरी तरह से असफल रहे ।

इसी तरह अब केंद्र भी पंजाब और अन्य सदस्य राज्यों के बाहर से बीबीएमबी के अध्यक्ष की तलाश कर रहा था। जुलाई माह में अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। मान चंडीगढ़ यूटी में केंद्रीय सिविल सेवा नियमों को लागू नहीं करने के लिए केंद्र के सामने पर्याप्त प्रतिरोध करने में भी विफल रहे क्योंकि इससे बड़ी संख्या में पंजाब कैडर के कर्मचारी पीड़ित होंगे जो पंजाब सिविल सेवा नियमों के तहत रहने के लिए खुश थे।

आप और केंद्र की है सांठगांठ

बाजवा ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि आम आदमी पार्टी (आप) और उसके मुख्यमंत्री भगवंत मान की केंद्र में भाजपा और उसकी सरकार के साथ कुछ गुप्त समझ है और इसलिए बिना किसी प्रतिरोध के पंजाब के अधिकारों को आत्मसमर्पण कर रहे हैं।