धूरी से फिर ताल ताल ठोकेंगे भगवंत मान, AAP ने क्यों जताया दोबारा भरोसा? पढ़ें पंजाब CM का सियासी रिपोर्ट कार्ड
आम आदमी पार्टी ने 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी से फिर उम्मीदवार बनाया गया है।

धूरी से फिर चुनाव लड़ेंगे भगवंत मान (फाइल फोटो)
HighLights
AAP ने 2027 चुनाव के लिए 40 उम्मीदवारों की सूची जारी की
मुख्यमंत्री भगवंत मान धुरी विधानसभा क्षेत्र से फिर प्रत्याशी घोषित
कई मौजूदा विधायकों को तीसरी बार चुनाव लड़ने का मौका मिला
रोहित कुमार, चंडीगढ़। कॉमेडी के मंच से संसद और फिर पंजाब की सत्ता के शीर्ष तक पहुंचे मुख्यमंत्री भगवंत मान अब 2027 के विधानसभा चुनाव में अपनी तीसरी चुनावी पारी के लिए तैयार हैं।
आम आदमी पार्टी ने शनिवार को 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इसमें सबसे प्रमुख नाम मुख्यमंत्री भगवंत मान का है, जिन्हें एक बार फिर धूरी विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है।
इस सूची के जरिये पार्टी ने न केवल अपने मुख्यमंत्री पर भरोसा जताया है, बल्कि कई पुराने और मौजूदा विधायकों को भी दोबारा चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया है।
इनमें ऐसे नेता भी शामिल हैं जो 2017 और 2022 में लगातार दो बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। भगवंत मान का राजनीतिक सफर भी इस सूची के साथ चर्चा में है। राजनीति में आने से पहले वह हास्य कलाकार के रूप में पहचान बना चुके थे।
साल 2011 में पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब से जुड़े मान
साल 2011 में वह मनप्रीत बादल की पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब से जुड़े और 2012 में लेहरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं सके।
इसके बाद 2014 में उन्होंने आम आदमी पार्टी का दामन थामा और संगरूर लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय इंदर सिंगला को हराकर पहली बार संसद में प्रवेश किया।
साल 2019 में भी वह इसी सीट से दूसरी बार सांसद चुने गए। इस तरह लगातार दो लोकसभा चुनाव जीतकर उन्होंने पंजाब की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया।
2022 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली
इसके बाद उन्होंने सांसद पद छोड़कर धुरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। 16 मार्च 2022 को उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
अब पार्टी ने 2027 के चुनाव के लिए भी उन्हें इसी सीट से उम्मीदवार घोषित किया है। यानी सांसद से मुख्यमंत्री बनने तक का सफर तय करने वाले मान एक बार फिर अपने पुराने विधानसभा क्षेत्र से जनता के बीच जाएंगे।
इस बार उनके सामने मुख्यमंत्री के रूप में पांच साल के कार्यकाल का हिसाब देने की चुनौती भी होगी। दो बार जीतने वाले विधायकों पर भी भरोसा पहली सूची का एक अहम पहलू पुराने विधायकों को दोबारा मौका देना है।
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पार्टी ने कोटकपूरा से विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां, गढ़शंकर से जय कृष्ण सिंह रौड़ी, निहाल सिंह वाला से मनजीत सिंह बिलासपुर, तलवंडी साबो से बलजिंदर कौर और महल कलां से कुलवंत सिंह पंडोरी को फिर उम्मीदवार बनाया है।
ये ऐसे चेहरे हैं जो 2017 और 2022 में विधानसभा चुनाव जीतकर लगातार दो बार सदन में पहुंच चुके हैं। अब इन्हें तीसरी बार चुनाव जीतने का मौका दिया गया है।
इसके अलावा पहली सूची में कई ऐसे विधायक भी हैं जिन्होंने 2022 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीता था और अब दूसरी बार चुनाव मैदान में उतरेंगे।
इनमें अजनाला से कुलदीप सिंह धालीवाल, अमृतसर साउथ से डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर, करतारपुर से बलकार सिंह, होशियारपुर से ब्रह्म शंकर शर्मा जिम्पा, फतेहगढ़ साहिब से लखबीर सिंह राय, लुधियाना ईस्ट से दलजीत सिंह ग्रेवाल, आत्म नगर से कुलवंत सिंह सिद्धू, लुधियाना सेंट्रल से अशोक पराशर पप्पी, जलालाबाद से जगदीप कंबोज गोल्डी, मुक्तसर से जगदीप सिंह काका बराड़ और भदौड़ से लाभ सिंह उगोके जैसे नाम शामिल हैं।
पार्टी ने कुछ ऐसे नेताओं को भी टिकट दिया है जिनका राजनीतिक अनुभव पहले से रहा है। तरनतारन से हरमीत सिंह संधू पहले भी विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं।
वहीं लुधियाना वेस्ट से संजीव अरोड़ा को उम्मीदवार बनाया गया है। इस प्रकार पहली सूची में मौजूदा विधायकों के साथ राजनीतिक अनुभव और अलग-अलग क्षेत्रों में पहचान रखने वाले चेहरों को भी जगह दी गई है। 77 सीटों पर अभी बाकी है फैसला पंजाब विधानसभा में कुल 117 सीटें हैं।
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77 सीटों पर नाम करने हैं तय
पहली सूची में 40 उम्मीदवार घोषित करने के बाद 77 सीटों पर पार्टी को अभी प्रत्याशियों के नाम तय करने हैं। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उम्मीदवारों के चयन में जनता से मिले फीडबैक और विधायकों के कामकाज को आधार बनाने की बात कही थी।
ऐसे में पहली सूची में कई मौजूदा विधायकों को दोबारा टिकट मिलने के बावजूद बाकी विधायकों के लिए स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। पार्टी की पहली सूची से यह भी साफ हुआ है कि सभी सीटों पर एक साथ उम्मीदवार घोषित करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से चुनावी तैयारी आगे बढ़ाई जा रही है।
आने वाली सूचियों में नए चेहरों, मंत्रियों और उन विधानसभा क्षेत्रों के नेताओं पर नजर रहेगी जहां पार्टी संगठन में बदलाव हुए हैं। 2027 का चुनाव भगवंत मान के लिए भी अलग राजनीतिक महत्व रखेगा।
साल 2014 और 2019 में संगरूर से सांसद बनने के बाद 2022 में धूरी से विधायक और मुख्यमंत्री बनने तक का सफर तय करने वाले मान अब अपनी सरकार के पांच साल के कामकाज के आधार पर जनता के बीच जाएंगे।
वहीं दो बार जीत चुके विधायकों को तीसरी बार मौका देकर पार्टी ने अपने पुराने चेहरों पर भरोसा जताने का संकेत दिया है। अब देखना होगा कि शेष 77 सीटों पर पार्टी कितने पुराने चेहरों को बनाए रखती है और कितने नए चेहरों को चुनाव मैदान में उतारती है।
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