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‘मैं योद्धा हूं, लड़ता रहूंगा’ राजा वड़िंग ने पंजाब कांग्रेस की गुटबाजी पर पहली बार खुलकर रखी बात

By Dr. Sumit Singh SheoranEdited By: Anuj Sharma
Published: Fri, 02 Oct 2026 07:00 AM (IST)

अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पंजाब कांग्रेस की गुटबाजी से पार्टी को हुए नुकसान को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि वह संघर्ष जारी रखेंगे और लक्ष्य हासिल करके ही रुकेंगे।

अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग।

अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग।

HighLights

  1. वड़िंग ने पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी से हुए नुकसान को स्वीकार किया।

  2. खुद को 'योद्धा' बताते हुए राजनीतिक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

  3. राहुल गांधी के प्रति आभार व्यक्त किया, बाधाओं से पार पाने की बात कही।

डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने के बाद निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पार्टी की अंदरूनी खींचतान पर खुलकर अपनी बात रखी है। वड़िंग ने स्वीकार किया कि कांग्रेस में गुटबाजी और नेताओं के बीच आपसी खींचतान का पार्टी को नुकसान हुआ। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया कि वह राजनीतिक संघर्ष से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

उन्होंने खुद को ‘योद्धा’ बताते हुए कहा कि वह अपना लक्ष्य हासिल करने तक लड़ते रहेंगे। वड़िंग ने कहा कि किसी भी परिवार या राजनीतिक पार्टी में आपसी खींचतान होती है तो उसका नुकसान होता है। पंजाब कांग्रेस में भी ऐसा हुआ और इसका असर पार्टी पर पड़ा। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी नेता से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन संभव है कि कुछ लोगों को उनसे परेशानी हो। उन्होंने कहा-

शायद उन्हें मुझसे कुछ समस्या है। क्यों है, मुझे नहीं पता।

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गुटबाजी से लोगों में पैदा हुई चिंता’

वड़िंग ने माना कि जब कांग्रेस के नेता आपस में ही लड़ते दिखाई देते हैं तो इसका सीधा असर जनता और पार्टी के समर्थकों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब उस स्थिति में पहुंच चुकी थी जहां वह सरकार बनाने की स्थिति में दिखाई दे रही थी, लेकिन आपसी खींचतान ने लोगों के बीच चिंता पैदा की।

उन्होंने पुराने विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के बावजूद कांग्रेस 200 लोगों को भी प्रदर्शन के लिए नहीं जुटा पाती थी। उस समय नवजोत सिंह सिद्धू और प्रताप सिंह बाजवा जैसे वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। वड़िंग ने कहा कि बाद में पार्टी ने काफी संघर्ष किया और मजबूत स्थिति तक पहुंची, लेकिन अंदरूनी विवादों ने फिर नुकसान किया।

मनप्रीत से लेकर बिट्टू तक मुकाबलों का जिक्र

अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए वड़िंग ने कहा कि उन्होंने अपने करियर में कई कठिन चुनावी मुकाबले लड़े हैं। उन्होंने अपना पहला चुनाव मनप्रीत सिंह बादल के खिलाफ उस सीट से लड़ा, जिसे उनके मुताबिक कांग्रेस पहले कभी नहीं जीत सकी थी।

बाद में उन्होंने मनप्रीत बादल को चुनाव में हराया। इसके बाद हरसिमरत कौर बादल और रवनीत सिंह बिट्टू के खिलाफ भी चुनाव लड़ने का जिक्र किया। मालवा की 69 विधानसभा सीटों का हवाला देते हुए वड़िंग ने कहा कि आम आदमी पार्टी की लहर के बावजूद वह उन गिने-चुने कांग्रेस उम्मीदवारों में शामिल थे, जिन्होंने चुनाव जीता।

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हार कभी स्वीकार नहीं की

वड़िंग ने कहा कि उन्होंने जिंदगी में कभी हार स्वीकार नहीं की और आगे भी नहीं करेंगे। आज नहीं तो कल, कोई मुझे रोक नहीं सकता। उन्होंने माना कि लगातार आने वाली बाधाओं से निराशा होती है, लेकिन उन्हें पता है कि मुश्किलों से कैसे पार पाया जाता है। राहुल गांधी के प्रति आभार जताते हुए वड़िंग ने कहा कि वह उनके ऋणी हैं। राहुल गांधी की संघर्ष जारी रखने की सीख का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा-

बहुत से लोग हमें रोकने की कोशिश करेंगे, लेकिन हम उस तूफान से निकलकर अपनी मंजिल तक पहुंचेंगे। वड़िंग ने अंत में कहा, “मैं एक योद्धा हूं और योद्धा बना रहूंगा।

उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी ने उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी, उसे उन्होंने पूरी तरह निभाया है और आगे भी जिम्मेदारी मिलने पर उसी तरह काम करते रहेंगे।

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