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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आतंकी लखबीर लांडा और हरविंदर रिंदा के तीन सहयोगी गिरफ्तार, AGTF की टीम ने कई हथियार किए बरामद

By Agency Edited By: Monu Kumar Jha
Published: Wed, 07 Feb 2024 09:20 AM (IST)Updated: Wed, 07 Feb 2024 05:00 PM (IST)

Punjab Crime टी-गैंगस्टर टास्क फोर्स पंजाब ने कनाडा स्थित आतंकवादी लखबीर लांडा और पाकिस्तान स्थित हरविंदर रिंदा के तीन सहयोगियों ...और पढ़ें

AGTF-Punjab ने कनाडा और पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों के तीन सहयोगियों को दबोचा। फाइल फोटो
AGTF-Punjab ने कनाडा और पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों के तीन सहयोगियों को दबोचा। फाइल फोटो

एएनआई,चंडीगढ़। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स, पंजाब ने कनाडा स्थित आतंकवादी लखबीर लांडा और पाकिस्तान स्थित हरविंदर रिंदा के तीन सहयोगियों (जोबनजीत सिंह, बिक्रमजीत सिंह और कुलविंदर सिंह) को गिरफ्तार किया है।

जोबनजीत यूएपीए, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और आईटी एक्ट अपराधों में वांछित था और लंबे समय से फरार चल रहा था। पंजाब पुलिस के डीजीपी ने इस गिरफ्तारी के बाद जानकारी भी दी।

हथियार हुए बरामद

इसे लेकर पंजाब डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि दो पिस्तौल और 10 कारतूस भी बरामद किये गये हैं। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी अपने विदेशी आकाओं के निर्देश पर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे।

डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि उनकी टीम ने गुप्त सूचनाओं पर कार्रवाई करते हुए, एआईजी संदीप गोयल के साथ एडीजीपी प्रमोद बान के नेतृत्व में और डीएसपी एजीटीएफ बॉर्डर रेंज हरमिंदर सिंह के नेतृत्व में एजीटीएफ पंजाब की पुलिस टीमों ने उनके स्थान का पता लगाया और उन्हें अमृतसर में गांव सफीपुर तरनतारन रोड के टी-पॉइंट के पास से पकड़ लिया। 

दोनों आरोपितों का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है 

डीजीपी ने बताया कि दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। जोबन गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), हत्या के प्रयास के मामले, शस्त्र अधिनियम, एनडीपीएस अधिनियम और आईटी अधिनियम में वांछित था और लंबे समय से फरार चल रहा था। उन्होंने बताया कि अन्य आरोपी बिक्का भी हत्या के प्रयास से संबंधित दो आपराधिक मामलों में वांछित था।

आगे और गिरफ्तारी होने की उम्मीद: डीजीपी

डीजीपी ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी सीमावर्ती राज्य की कड़ी मेहनत से अर्जित शांति और सद्भाव को बिगाड़ने के लिए अपने विदेशी आकाओं के निर्देश पर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। गिरफ्तारी को लेकर अधिक जानकारी साझा करते हुए एआईजी एजीटीएफ संदीप गोयल ने कहा कि आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है।

इन धाराओं के तहत मामले किए दर्ज

पुलिस स्टेशन स्टेट स्पेशल ऑपरेटिंग सेल (एसएसओसी) अमृतसर में आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया गया है।