जेएनएन, चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने दुबई में 20 हजार पंजाबी श्रमिकों का मुद्दा विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के समक्ष मुद्दा उठाया है। इन श्रमिकों के पासपोर्ट भी उनकी कंपनियों के पास जमा हैं। इन निजी कंपनियों ने श्रमिकों को नौकरी से बाहर कर दिया, लेकिन उनके पासपोर्ट भी वापस नहीं किए जा रहे। इसकी वजह से यह श्रमिक वापस नहीं आ पा रहे हैं। 

सुखबीर बादल ने विदेश मंत्री से आग्रह किया कि वे दुबई में भारतीय दूतावास को निर्देश दें कि वे इस मुद्दे को अमीरात के अधिकारियों के समक्ष उठाएं, ताकि कामगारों के पासपोर्ट उन्हें वापस मिल सकें। उन्होंने कहा कि ज्यादातर कामगारों ने भारत वापसी के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया था, लेकिन पासपोर्ट न होने के कारण वापस नहीं लौट सके। उन्होंने कहा कि उन्हें कई युवाओं से संदेश मिला था कि वे अपने हवाई टिकटों का भुगतान करने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन कंपनियां पासपोर्ट वापस नहीं कर रही हैं। इन्होंने केंद्र से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।

सुखबीर ने विदेश मंत्री से मुलाकात के दौरान कहा कि कुछ श्रमिक हवाई मार्ग से वापस लौट सकते हैं, जबकि हजारों कामगार ऐसे भी हैं जिन्होंने अपने बचत किए पैसे खर्च चुके हैं और वापसी की टिकट खरीदने की स्थिति में भी नहीं हैं। ऐसे इन्हें वापस घर लाने के लिए नौ सेना के जहाजों को भी भेजा जा सकता है।

कई कंपनियों ने नहीं दिया  वेतन

सुखबीर ने कहा कि ऐसी शिकायतें भी मिली हैं कि कई कंपनियों ने कामगारों के वेतन भी नहीं दिया है। उन्होंने आग्रह किया कि इस संबध में हेल्पलाइन खोली जानी चाहिए, ताकि कामगारों को उनके मालिकों से पासपोर्ट वापस मिल सकें तथा वह वतन वापस आ सकें।

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Edited By: Kamlesh Bhatt

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