जोश, जज्बा और विंटेज कारों का स्वैग! चंडीगढ़ में 3 दिन लगेगा10वीं मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल, चेक करें शेड्यूल
चंडीगढ़ में 13 से 15 नवंबर तक 10वां मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल आयोजित होगा। यह युवाओं को सेना के शौर्य, बलिदान और इतिहास से परिचित कराएगा।

चंडीगढ़ में 3 दिन लगेगा10वीं मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल (फाइल फोटो)
HighLights
10वां मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल 13-15 नवंबर तक चंडीगढ़ में
परमवीर चक्र विजेताओं से मिलने का युवाओं को मिलेगा अवसर
हथियारों की प्रदर्शनी, विंटेज कारें और शॉर्ट फिल्में मुख्य आकर्षण
डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। देश की रक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले वीर सैनिकों की शौर्य गाथाएं, सेना का गौरवशाली इतिहास और देशसेवा के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा... कुछ ऐसा ही माहौल अगले सप्ताह चंडीगढ़ में देखने को मिलेगा। 13 से 15 नवंबर तक शहर में दसवें मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन होने जा रहा है।
तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन में देशभर से हजारों की संख्या में युवा, विद्यार्थी, सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक, लेखक और सैन्य इतिहास में रुचि रखने वाले लोग हिस्सा लेंगे।
इस बार फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य पंजाब और देश के युवाओं को शिक्षित करने के साथ उन्हें सेना के गौरवशाली इतिहास, सैनिकों के बलिदान और राष्ट्रसेवा के प्रति प्रेरित करना है।
फेस्टिवल की तैयारियों और कार्यक्रमों की जानकारी देने के लिए शुक्रवार को पंजाब भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल समिति के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल टीएस शेरगिल ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में इस आयोजन को युवाओं और आम लोगों का शानदार रिस्पॉन्स मिला है। अब यह फेस्टिवल केवल एक साहित्यिक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं को भारतीय सेना की परंपराओं, वीरता और अनुशासन से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि युवाओं को उन सैनिकों और सैन्य अधिकारियों से सीधे मिलने और बातचीत करने का अवसर मिलता है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया है।
खास तौर पर परमवीर चक्र और अन्य वीरता पुरस्कारों से सम्मानित सैनिकों की बहादुरी की कहानियां युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों की इसमें बड़ी भागीदारी रहेगी।
तीन दिन तक होंगे संवाद और पैनल डिस्कशन
फेस्टिवल के दौरान सैन्य इतिहास, राष्ट्रीय सुरक्षा, युद्ध रणनीति, सैनिकों के अनुभव और देश की रक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर पैनल डिस्कशन आयोजित किए जाएंगे। इनमें सैन्य अधिकारी, लेखक, शिक्षाविद, विद्यार्थी और अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।
इसका उद्देश्य युवाओं को केवल सेना की उपलब्धियों से परिचित कराना ही नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा से जुड़े विषयों को समझने और उन पर विचार करने का अवसर देना भी है।
25 से अधिक शॉर्ट फिल्मों में दिखेगा शौर्य और बलिदान
इस बार फेस्टिवल में 'क्लेरियन कॉल थिएटर' भी विशेष आकर्षण रहेगा। इसमें 25 से अधिक शॉर्ट फिल्में दिखाई जाएंगी। इन फिल्मों के माध्यम से सैनिकों की बहादुरी, युद्ध के दौरान उनके साहस, बलिदान और देश के प्रति समर्पण की कहानियां पर्दे पर दिखाई जाएंगी।
युवा इन फिल्मों के जरिए उन घटनाओं और परिस्थितियों को करीब से समझ सकेंगे, जिनमें भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस का परिचय दिया।
आधुनिक और पुराने हथियारों की प्रदर्शनी, सैन्य इतिहास की झलक
फेस्टिवल में भारतीय सेना के हथियारों का एक विशेष डिस्प्ले कॉर्नर भी तैयार किया जाएगा। यहां सेना की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले पुराने और आधुनिक हथियारों को प्रदर्शित किया जाएगा।
इसके साथ मिलिट्री पेंटिंग एग्जीबिशन में चित्रों और कलाकृतियों के माध्यम से भारतीय सेना की लंबी यात्रा, उसके गौरवशाली इतिहास और विभिन्न सैन्य अभियानों की झलक देखने को मिलेगी।
विंटेज कारें और पारंपरिक पंजाबी जायका भी होगा खास
सैन्य गतिविधियों के अलावा इस बार फेस्टिवल में विंटेज कार डिस्प्ले भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसमें पुरानी और दुर्लभ कारों के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। वहीं, यहां आने वाले लोगों को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के पारंपरिक खानपान का स्वाद भी मिलेगा। इस तरह यह आयोजन सैन्य इतिहास, संस्कृति, कला और खानपान का अनूठा संगम बनेगा।
दुनियाभर तक पहुंचेगा फेस्टिवल, लाइव प्रसारण की भी व्यवस्था
लेफ्टिनेंट जनरल टीएस शेरगिल ने बताया कि मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल को भारत के साथ विदेशों में भी बड़ी संख्या में लोग देखते और इससे जुड़ते हैं।
इस बार भी आयोजन को लाइव टेलीकास्ट और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस फेस्टिवल में जरूर पहुंचें और भारतीय सेना की वीरता, अनुशासन तथा देशसेवा की भावना को करीब से जानें।
इस आयोजन को पंजाब सरकार, मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल समिति, चंडीमंदिर कैंट और चंडीगढ़ प्रशासन के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसमें विभिन्न स्कूलों की भी भागीदारी रहेगी। तीन दिन का यह आयोजन युवाओं के लिए सेना को समझने, वीर सैनिकों से प्रेरणा लेने और राष्ट्रसेवा के संकल्प को मजबूत करने का अवसर बनेगा।
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