Bathinda News: चिट्टे की ओवरडोज से एक सप्ताह में दूसरी मौत, 26 साल के युवक ने तोड़ा दम
पंजाब में नशा विरोधी अभियान के बावजूद तलवंडी साबो के गांव भागीबांदर में एक हफ्ते में नशे की ओवरडोज से दूसरी मौत हो गई। मृतक पीरतपाल सिंह (26) चिट्टे का आदी था और अस्पताल के सामने उसकी ओवरडोज से मौत हो गई। परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि चिट्टा अभी भी गांवों में बिक रहा है।

जागरण संवाददाता, बठिंडा। पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन पंजाब में नशे के खात्मे के लिए चलाए जा रहे 'युद्ध नशे विरूध' अभियान के तहत नशा तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन तलवंडी साबो के गांव भागीबांदर में एक सप्ताह में नशे की ओवरडोज़ से दूसरी मौत हो हो जाने से इन कार्रवाइयों पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
बीती 27 अगस्त को नशे के ओवरडोज से मरने वाले धर्मप्रीत की चिता की राख अभी ठंडा भी नहीं हुई थी कि रविवार को गांव भागीबांदर के एक और युवक की चिट्टे के ओवरडोज़ से मौत हो गई। मृतक की पहचान पीरतपाल सिंह (26) के रूप में हुई है। मृतक पीरतपाल सिंह की मां अमरो ने बताया कि उनका बेटा शनिवार को तलवंडी साबो के सरकारी अस्पताल में नशा रोधी गोली लेने गया था।
जब वह देर शाम तक घर नहीं लौटा, तो उन्होंने उसकी तलाश की। जब वह तलवंडी के सरकारी अस्पताल गईं, तो उनके बेटे की सरकारी अस्पताल के गेट के सामने मृतक पड़ा था। उन्होंने बताया कि उनका बेटा चिट्टे का आदी था। उनके बेटे ने चिट्टे का ओवरडोज़ ले लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। उसकी मां ने बताया कि उसके परिवार में उसकी 22 वर्षीय पत्नी और दो बेटियां हैं, जिनमें से एक तीन साल और एक तीन महीने की है।
गांव वालों ने कहा कि गांव भागीबांदर में एक हफ्ते में नशे की लत से हुई दो मौतें पुलिस प्रशासन की बड़ी नाकामी है। माता-पिता ने यह भी कहा कि हालांकि सरकार छोटे नशा तस्करों के घर गिराकर अच्छा काम कर रही है, लेकिन चिट्टा अभी भी गांवों में बिक रहा है और इस पर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, जिसके कारण युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं। इस संबंध में डीएसपी राजेश स्नेही से तलवंडी साबो में बात की गई, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है।
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