बठिंडा में चिट्टे की ओवरडोज से इकलौते बेटे की मौत, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
बठिंडा के गांव गंगा में चिट्टे की ओवरडोज से एक युवक की मौत हो गई। मृतक माता-पिता का इकलौता बेटा था। पुलिस ने आरोपी अमनदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। गांव में चिट्टे से यह दूसरी मौत है। सरपंच ने बताया कि गांव में अभी भी करीब 20 युवक चिट्टे के शिकार हैं। उन्होंने चिट्टा बेचने वालों को रोकने की मांग की है।

जागरण संवाददाता, बठिंडा। बेशक, पंजाब सरकार और पुलिस विभाग राज्य को नशा मुक्त बनाने के लाख दावे कर रहे हों, लेकिन गांवों में चिट्टा अब भी पहले की तरह बिक रहा है, जिससे रोजाना युवाओं की मौत हो रही है।
ताजा मामला थाना नेहियांवाला के अंतर्गत आने वाले गांव गंगा में सामने आया है, जहां माता-पिता के इकलौते जवान बेटे की चिट्टे की ओवरडोज से मौत हो गई, उसका शव गांव दान सिंह वाला के नाले के पास मिला। इस थाने के अंतर्गत दस दिनों में चिट्टे से यह दूसरी मौत है, इससे पहले गांव हररायेपुर में माता-पिता के इकलौते बेटे की चिट्टे के कारण मौत हो गई थी।
गांव गंगा का मृतक युवक बोहड़ सिंह तीन बहनों का इकलौता भाई था। एक साल पहले उसके पिता की भी मौत हो गई, बहनों की शादी हो चुकी है और अब घर में मां अकेली रह गई है। मृतक बोहड़ सिंह अविवाहित था, वह गांव गंगा के ही रहने वाले आरोपित अमनदीप सिंह से नशा लाता था।
मृतक बोहड़ सिंह की मां सरबजीत कौर ने अमनदीप सिंह के परिवार से काफी मिन्नतें की थी उसके बेटे को नशा न दें, वह मर जाएगा, लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी, आखिरकार बेटे का शव नाले के पास मिला।
मृतक बोहड़ सिंह की मां सरबजीत कौर के बयानों के आधार पर पुलिस ने गंगा निवासी अमनदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। गांव की सरपंच सुखजिंदर कौर के बेटे अमृतपाल सिंह ने बताया कि जब से नई पंचायत बनी है, तब से वे लगातार चिट्टा वालों का विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चिट्टा वालों को रोकने के लिए पंचायत ने आज मीटिंग भी की, यह अभी तक की पहली मौत है, अगर चिट्टा वालों को नहीं रोका गया तो और भी नौजवानों की जान जा सकती है। उन्होंने बताया कि गांव में अभी भी करीब 20 युवक चिट्टा के शिकार हैं। उन्होंने बताया कि बोहड़ सिंह की मौत से पूरा घर खाली हो गया है।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।