84.5 एमएम बारिश में पूरा शहर जलमग्न
शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद बेशक मौसम सुहावना हो गया।

जागरण संवाददाता, बठिंडा: शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद बेशक मौसम सुहावना हो गया, लेकिन शहर में जमा हुए बारिश के पानी ने नगर निगम अधिकारियों के दावों की पोल खोल दी। सुबह साढ़े आठ बजे तक हुई 84.5 एमएम बारिश के बाद शहर के नेशनल हाइवे व स्टेट हाइवें की सड़कों पर भी दो-दो फीट पानी का जलभराव हो गया। पानी निकासी के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद देर शाम तक पानी नहीं निकला। कई जगह जलभराव में लोगों को वाहन बंद हो गए। शहर की पूरी ट्रैफिक व्यवस्था भी बिगड़ गई। पावर हाउस रोड, मिनी सचिवालय, एसएसपी दफ्तर, डीसी कोठी, आईजी कोठी समेत तमाम आसपास स्थित सरकारी दफ्तरों को जाने वाले रास्तों पर बैरीकेट लगाकर रास्ते बंद करने पड़े, क्योंकि उक्त सभी एरिया में तीन से चार फीट तक पानी भर गया था। निगम का तर्क, सड़कों पर कूड़ा फेंकने से जाम होता है सीवरेज
पानी की निकासी में देरी को लेकर निगम अधिकारियों ने कहा कि शहर के विभिन्न इलाकों में लोगों द्वारा सड़कों के किनारे फेंका गया कूड़ा है। यह कूड़ा पानी के साथ बहकर सीवरेज पाइपों में पहुंच जाता है व ब्लाकेज के कारण पानी की निकासी नहीं हो सकी। कई इलाके में सड़कें व गालियां बैठ गई, जबकि धोबियाना रोड पर एक मकान में बारिश का पानी भरने के कारण छत गिर गई। हालांकि, इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन छत गिरने से मकान में रखा सामान टूट गया। हर तरफ पानी ही पानी
सड़कों पर पानी भर जाने से ट्रैफिक प्रभावित हुआ। मिनी सचिवालय, महिला थाना, डीसी निवास, एसएसपी निवास समेत पूरा सिविल लाइन एरिया में पानी में डूब रहा, जबकि पावर हाउस रोड, माल रोड, भागू रोड, बीबी वाला रोड, अमरीक सिंह रोड, वीर कालोनी, विशाल नगर, शांत नगर, मैहना चौक, कपड़ा मार्केट, रेलवे स्टेशन रोड के आसपास सभी एरिया में जलभराव वाली स्थिति रही। प्रताप नगर मुख्य सड़क, परसराम नगर, परसराम नगर अंडर ब्रिज के साथ फ्लाई ओवर से परसराम नगर को जाती सड़क, गुरु नानक पुरा, सिरकी बाजार, पावर हाउस रोड, गणेश नगर, सौ फुटी रोड, भागू रोड़, नई बस्ती, वीर कालोनी, अमरीक सिंह रोड सहित प्रमुख इलाके पानी में डूबे रहे। 12 किलोमीटर राइजिंग मेन अब तक नहीं हुई पूरी
हर बार बारिश के बाद निगम व सीवरेज विभाग नई योजनाएं तैयार करता है। करोड़ों रुपये खर्च करके शहर में जल निकासी प्रबंधों को बेहतर बनाने का दावे होते हैं। इस बार भी निगम कमिश्नर बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने बारिश से पूर्व शहर में जल निकासी प्रबंधों के बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन बारिश से सारे दावे डूब गए। 12 किलोमीटर की राइजिग मेन अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। वहीं स्लज कैरियर की कैपेसिटी बढ़ाई नहीं जा सकी है। शहर तीन छप्पड़ों को पौंड बना उसकी खुदाई पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर शहर में पानी निकासी को बेहतर बनाने का दावा किया गया था।
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