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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कमल कौर भाभी हत्याकांड में दो आरोपियों की तलाश अभी भी जारी, अमृतपाल मेहरों को विदेश भगाने में की थी मदद

Published: Thu, 26 Jun 2025 01:58 PM (IST)Updated: Thu, 26 Jun 2025 02:01 PM (IST)

लुधियाना की कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर भाभी की हत्या के मामले में पांच में से दो आरोपित अभी भी ...और पढ़ें

कमल कौर भाभी हत्याकांड में दो हत्यारोपियों की तलाश जारी है। फाइल फोटो

कमल कौर भाभी हत्याकांड में दो हत्यारोपियों की तलाश जारी है। फाइल फोटो

जागरण संवाददाता, बठिंडा। इंटरनेट मीडिया पर अश्लील व विवादित वीडियो अपलोड करने वाली लुधियाना की रहने वाली कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर भाभी की हत्या में आरोपित बनाए गए पांच आरोपितों में समेत दो आरोपितों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। यह दोनों आरोपितों ने इस हत्याकांड के मुख्य आरोपित अमृतपाल सिंह मेहरों को देश छोड़कर भागने में मदद की थी।

हालांकि, पुलिस ने एक आरोपित की पहचान रंजीत सिंह निवासी तरनतारन के तौर पर की है, जबकि पांचवां आरोपित अभी अज्ञात है, जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। इसमें बेशक बठिंडा पुलिस छापेमारी व कानूनी प्रक्रिया अपनाने की बात कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर पुलिस के हाथ खाली है।

हत्या के बाद विदेश फरार हो गया अमृतपाल मेहरों

बता दें कि इस हत्याकांड का मुख्य आरोपित और साजिशकर्ता अमृतपाल सिंह मेहरों बीती 10 जून को पहनकर देश छोड़कर भाग गया था। उस दिन उसने निहांग पोशाक नहीं पहनी हुई थी। बठिंडा पुलिस ने इस हत्याकांड के बाद मेहरों को देश से भागने में मदद करने के आरोप में पांच लोगों को नामजद किया है। पांचों आरोपितों में से चार निहंग थे, लेकिन पांचवें आरोपित की पहचान अभी भी रहस्य बनी हुई है।

पुलिस ने मेहरों के सहयोगी जसप्रीत सिंह और निमरतजीत सिंह को कंचन कुमारी की लाश मिलने के अगले दिन ही गिरफ्तार कर लिया था। जब उन्हें गिरफ्तार किया गया था, जब दोनों ने निहंग सिंह की पोशाक पहनी हुई थी। जबकि तरनतारन के रहने वाले एक अन्य आरोपित रंजीत सिंह भी निहंग है।

एसएसपी अमनीत कौंडल ने कहा कि जांच से पुष्टि हुई है कि जब अमृतपाल सिंह विदेश भागा उस दौरान पांचवा आरोपित रंजीत सिंह उसके साथ नहीं था। यात्रा डेटा से पता चलता है कि मेहरों के पास यूएई का टूरिस्ट वीजा था और वह अमृतसर से विमान में चढ़ा था, जहां उसने अपनी पारंपरिक निहंग पोशाक नहीं पहनी थी। वहीं, रंजीत सिंह के खिलाफ भी एक लुक-आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया गया था।

इसके बाद ऐसा कोई इनपुट नहीं मिला है, जो यह संकेत दे कि वह भारत से बाहर गया है। पुलिस टीमें रंजीत सिंह को पकड़ने के लिए अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही हैं। एसएसपी ने कहा कि जसप्रीत सिंह और निमरतजीत सिंह ने पांचवें साथी के बारे में जांच के दौरान अभी तक कोई खुलासा नहीं किया है, जिससे उसकी असल लुकेशन की जानकारी मिल सके। फिलहाल पुलिस रंजीत सिंह को गिरफ्तार करने के लिए लगातार उसके परिजनों, संपर्क वाले लोगों से पूछताछ कर रही है व उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

एसएसपी अमनीत कौंडल ने कहा कि जिला पुलिस ने 20 जून को यूएई से मेहरों के प्रत्यर्पण के लिए प्रयास शुरू किए थे, जब पंजाब पुलिस के ब्यूरो आफ इन्वेस्टिगेशन (बीओएल) को एक पत्र भेजा गया था। एसएसपी ने कहा कि यह पत्र मेहरों के प्रत्यर्पण के लिए इंटरपोल तक पहुंचने के प्रोटोकॉल का हिस्सा था। हमें अभी तक यह पुष्टि नहीं मिली है कि इंटरपोल ने हत्या के मामले में मुकदमे का सामना करने के लिए निर्वासन के लिए आरोपित का पता लगाने और हिरासत में लेने के लिए कोई नोटिस प्रकाशित किया है या नहीं।